आर.जे अनमोल और अभिनेत्री अमृता राव के घर जल्द ही किलकारियां गूंजने वाली हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान, अनमोल ने अमृता राव की प्रेगनेंसी से जुड़ी एक बहुत ही दिलचस्प बात बताई। उन्होंने बताया की कैसे एक नार्मल मेडिकल चेक अप के दौरान उन्हें ये 'गुड न्यूज़' मिली। रिपोर्ट आते ही हमें 'गुड न्यूज' मिल गई:
अनमोल बताते हैं, "मुझे अब तक मेरे ब्लड ग्रुप को लेकर काफी कन्फ्यूजन हुआ करती थी और इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए मैंने अपना ब्लड चेक करवाने का फैसला लिया। मुझे आज भी याद है वो दिन जब मैंने अपना ब्लड ग्रुप चेक करवाने के लिए अपने घर ही पर डॉक्टर को बुलवाया था । इसी दौरान मैंने अमृता का भी साथ ही साथ ब्लड चेक अप करवा दिया जोकि बहुत नार्मल रूटीन था। बस फिर क्या, रिपोर्ट आते ही हमें 'गुड न्यूज' मिल गई (हंसते हुए)। ये गुड न्यूज मिलने के हफ्ते बाद ही हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लॉकडाउन का एलान कर दिया। लॉकडाउन के बहाने ही सही, हम दोनों को इस वक्त एक दूसरे के साथ वक्त बिताने का भी मौका मिल गया।" मुझे और अमृता दोनों को बच्चे बहुत पसंद हैं:
वे आगे बताते हैं, "मुझे और अमृता दोनों को बच्चे बहुत पसंद हैं। सच कहूं तो मुझे लगता है कि मैं खुद ही बच्चा हूं जिसे अमृता और मेरे घर वाले संभाल रहे हैं (हंसते हुए)। हम सभी घर में नए मेहमान के स्वागत करने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चाहे लड़का हो या लड़की, हम बस दिल से यही चाहते हैं कि जो हो वो स्वस्थ और तंदरुस्त हो।" जैमिंग 3 को होस्ट कर रहे हैं अनमोल:
बता दें, इन दिनों आर. जे अनमोल रियलिटी शो 'जैमिंग' के सीजन 3 को होस्ट कर रहे हैं। इस बारे में अनमोल बताते हैं, "ये दूसरे रियलिटी शो से बहुत अलग हैं। इस शो में आप अपने दोस्तों के साथ बैठते हो, खूब बातें करते हो और साथ ही संगीत से भरी इस महफिल को एन्जॉय करते हैं। इस महफिल में बॉलीवुड के कई दिग्गज आ चुके हैं फिर बप्पी लाहिड़ी हो या उदित नारायण। मेरे लिए सबसे बड़ी अचीवमेंट तब थी जब आशा भोसले ने मेरे इस शो की तारीफ की। मेरी ख्वाहिश है उन्हें अपने शो में लाने की।"
हेमा मालिनी 72 साल की हो गई हैं। वे 16 अक्टूबर 1948 अम्मंकुदी तमिलनाडु में पैदा हुई थीं। हेमा ने धर्मेंद्र से दूसरी शादी की थी, लेकिन शादी के बाद हेमा कभी धर्मेंद्र के घर नहीं गईं। उनकी ओर से धर्मेंद्र के घर जाने वाली इकलौती मेंबर उनकी बेटी ईशा हैं, जो अपने जन्म के 34 साल बाद वहां जा पाई थीं। इस बात का जिक्र राम कमल मुखर्जी की बुक 'हेमा मालिनी : बेयॉन्ड द ड्रीम गर्ल' में किया गया है।
बीमार चाचा को देखने धर्मेंद्र के घर गई थीं ईशा
बात तब की है, जब धर्मेंद्र के भाई और अभय देओल के पिता अजीत सिंह देओल बहुत ज्यादा बीमार थे। वो बिस्तर पर थे और ईशा अपने चाचा को देखना चाहती थीं। बुक में ईशा के हवाले से लिखा है- मैं चाचा से मिलना चाहती थी और अपनी तरफ से सम्मान देना चाहती थी। वो मुझे और अहाना को बहुत चाहते थे और हम भी अभय के बेहद क्लोज थे।"
अजीत सिंह देओल और धर्मेंद्र। 23 अक्टूबर 2015 को अजीत सिंह देओल का निधन हो गया। वे गाल ब्लेडर कॉम्पलिकेशन का ट्रीटमेंट ले रहे थे।
ईशा ने आगे कहा, "हमारे पास उनके घर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। वो अस्पताल में भी नहीं थे कि हम उनसे वहां मिलकर आ जाते। इसलिए मैंने सनी (देओल) भैया को फोन किया और उन्होंने उनसे मिलने की पूरी व्यवस्था करा दी थी।"
हेमा का बंगला धर्मेंद्र के घर से 5 मिनट की दूरी पर
बुक में यह भी लिखा है कि हेमा का बंगला आदित्य धर्मेंद्र के 11th रोड हाउस से 5 मिनट की दूरी पर है। लेकिन उनकी बेटी ईशा को वहां तक पहुंचने में करीब 34 साल लग गए। ईशा का जन्म 1981 में हुआ था और वो अपने पापा के घर 2015 में गई थीं।
हेमा क्यों कभी धर्मेंद्र के पुश्तैनी घर नहीं गईं
राम कमल मुखर्जी की बुक के मुताबिक, शादी से पहले हेमा, धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर से कई बार समारोहों में मिली थीं। लेकिन शादी के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए। बकौल हेमा- मैं किसी को डिस्टर्ब नहीं करना चाहती थी। धरम जी ने मेरे और मेरी बेटियों के लिए लिए जो किया, मैं उसमें खुश हूं। उन्होंने एक पिता की भूमिका बखूबी निभाई।
आज मैं काम करती हूं और अपनी डिग्निटी को मेंटेन करने में सक्षम हूं। क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी को आर्ट और कल्चर से जोड़ लिया है। मुझे लगता है कि अगर सिचुएशन इससे थोड़ी भी अलग होती तो मैं आज वहां न होती, जहां हूं।
हेमा ने कहा था- मैं प्रकाश का बहुत सम्मान करती हूं
हेमा ने एक इंटरव्यू में कहा था- भले ही मैं कभी प्रकाश के बारे में बात नहीं करती, लेकिन मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं। मेरी बेटियां भी धरम जी की फैमिली का पूरा सम्मान करती हैं। दुनिया मेरी लाइफ के बारे में विस्तार से जानना चाहती है। लेकिन यह दूसरों को बताने के लिए नहीं है। इससे किसी को मतलब नहीं होना चाहिए।
धर्मेंद्र और उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर।
हेमा के भाई के घर से हुई थी उनकी और धर्मेंद्र की शादी
हेमा की शादी उनके भाई के घर से हुई थी। यह तमिल वेडिंग थी। कहा जाता है कि धर्मेंद्र और हेमा दोनों ही इसी तरह से शादी करना चाहते थे। 'हेमा मालिनी: बेयॉन्ड द ड्रीम गर्ल' के मुताबिक, धर्मेंद्र के पिता केवल कृष्ण सिंह देओल, हेमा और उनकी फैमिली को बहुत पसंद करते थे।
हेमा ने बुक में बताया है- केवल कृष्ण सिंह देओल अक्सर चाय पर पिता और भाई से मिला करते थे। इस दौरान वे पंजे भी लड़ाया करते थे और उन्हें (हेमा के पिता और भाई को) हराने के बाद मजाक करते हुए कहते थे, तुम लोग घी मक्खन लस्सी खाओ। इडली और सांभर से ताकत नहीं आती। इसके बाद वे खूब हंसते थे।
धर्मेंद्र की मां ने दिया था खुश रहने का आशीर्वाद
हेमा की बुक में धर्मेंद्र की मां सतवंत कौर के साथ उनके रिश्ते का जिक्र भी किया गया है। हेमा के मुताबिक- धरम जी की मां सतवंत कौर बहुत ही अच्छी महिला थीं। मुझे याद है कि एक बार वे मुझसे मिलने जुहू के एक डबिंग स्टूडियो में आई थीं। उस वक्त मैंने ईशा को कंसीव किया था। उन्होंने घर में किसी को नहीं बताया था। मैंने उनके पैर छुए और उन्होंने कहा- बेटा खुश रहो हमेशा। मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई थी।
अक्षय कुमार और सोनू सूद ने 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है। सेट से अक्षय कुमार की एक्सक्लूसिव फोटो दैनिक भास्कर के हाथ लगी है। फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया कि यह शेड्यूल 30 नवंबर तक चलेगा। इन दिनों शूटिंग यशराज स्टूडियो में हो रही, लेकिन बहुत जल्द इसे मुंबई के मड आईलैंड में पूरा किया जाएगा।
कोरोना के कारण शेड्यूल लंबा है
फिल्म का लंबा शेड्यूल इसलिए है, ताकि सबका नियमित रूप से कोरोना टेस्ट भी होता रहे। क्रू मेंबर्स की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें स्टूडियो में एंट्री दी जा रही है। उन्हें एक साथ पास के ही एक होटल में रखा गया है। वहीं से बायो बबल की तर्ज पर सबकी आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।
दिवाली बाद शूट करेंगे संजय दत्त
फिल्म में संजय दत्त भी हैं। वे मोहम्मद गौरी के रोल में हैं। चूंकि इन दिनों वे इम्युनोथैरेपी करवा रहे हैं। इसलिए उनका शेड्यूल दिवाली बाद रखा गया है। फिलहाल अक्षय कुमार, सोनू सूद और मानव विज आदि के सीक्वेंस पूरे किए जा रहे हैं। 13 तारीख से मानुषी छिल्लर भी शूटिंग का हिस्सा बनेंगी।
लॉकडाउन से पहले शूट हो चुका था बड़ा हिस्सा
सेट पर मौजूद सूत्रों में से एक ने बताया, "मार्च में लॉकडाउन लगने से पहले फिल्म का बड़ा हिस्सा शूट हो चुका था। जयपुर में राजा-महाराजाओं के महलों के एक्सटीरियर का स्टॉक फुटेज काफी है। बाकी हिस्से की शूटिंग को पूरा करने के लिए वाईआरएफ स्टूडियो के भीतर बड़ा सेट तैयार किया गया है। यहां का इंटीरियर जयपुर के एक्सटीरियर शॉट के साथ मर्ज किया जाएगा।"
डायरेक्टर ने भी की शूटिंग की पुष्टि
हमने इस बारे में जानने के लिए फिल्म के डायरेक्टर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा, "जी हां, हमने वाईआरएफ स्टूडियो में 'पृथ्वीराज' की शूटिंग फिर से शुरू कर दी है और इस शेड्यूल को लेकर पूरी टीम काफी एक्साइटेड है।"
हाल ही में सोशल मीडिया में संजय दत्त की एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें वे काफी कमजोर नजर आ रहे थे। इसे लेकर कहा जा रहा था कि कीमोथेरेपी की वजह से उनका वजन गिर गया है। हालांकि सच्चाई कुछ और है। दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक ना तो उनका वजन 20 किलो कम हुआ है और ना ही उनकी कीमोथेरेपी हो रही है।
दैनिक भास्कर को जानकारी देते हुए संजू बाबा के करीबियों ने बताया कि उनके वजन में मात्र पांच किलो की गिरावट हुई है और वो कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी करवा रहे हैं। करीबियों की मानें तो अभिनेता की बीमारी उतनी गंभीर नहीं है, जितनी कि मीडिया में प्रोजेक्ट की जा रही है।
संजय रोजाना दो से तीन घंटे जिम में बिता रहे
अभिनेता के करीबियों ने महज तस्वीरों के आधार पर उनके वजन में 20 किलो तक की गिरावट के दावे पर भी एतराज जताया। उनके परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'तस्वीरों से वजन में इतनी गिरावट का अंदाजा कैसे लगा लिया गया। ये संजय जैसे फाइटर का अपमान है। असलियत यह है कि वे रोजाना दो से तीन घंटे जिम में बिता रहे हैं। अपकमिंग फिल्मों के लिए उन्हें स्लिम लुक में दिखना है।
बढ़ी दाढ़ी की वजह से चेहरा भरा हुआ लगता था
गिरी हुई सेहत दिखने की वजह बताते हुए उनके करीबी ने कहा कि संजय ने पिछले काफी लंबे समय से शेव नहीं की थी। ऐसे में बढ़ी दाढ़ी की वजह से उनके चेहरे व गले की सिलवटें नहीं दिखती थीं और चेहरा भरा हुआ नजर आता था।
दुबई जाने से पहले साफ करवाई थी दाढ़ी
हाल ही में दुबई जाने से पहले उन्होंने क्लीन शेव की और जब वो वहां से वापस आए तो पतले चेहरे के चलते उन्हें बीमारू बता दिया गया, जबकि असल में वे फिट एंड फाइन हैं और हर रोज नए राइटरों और डायरेक्टरों से मिल रहे हैं। पिछले दो दिनों में उन्होंने दो-तीन डायरेक्टरों से नई कहानियों के नरेशन लिए हैं।
रवि चड्ढा के साथ बना रहे 'डम डम डिगा डिगा'
संजय दत्त के करीबियों की बातों की पुष्टि फिल्म मेकर रवि चड्ढा के करीबियों ने भी की है। रवि चड्ढा उनके साथ 'डम डम डिगा डिगा' फिल्म बना रहे हैं। इसमें जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी भी हैं। इसे यासवी फिल्म्स प्रोड्यूस कर रहे हैं। जिन्होंने हाल ही में श्रेयस तलपड़े और पवन मल्होत्रा आदि के साथ ‘सेटर्स’ बनाई थी।
जल्द ही बचा हुआ काम पूरा करेंगे संजू
मेकर्स ने संजय दत्त की सुविधा का ख्याल रखते हुए महबूब स्टूडियो में शूटिंग का शेड्युल रखा है। उनके मुताबिक ये 'धमाल' वाले जोनर की तरह फील गुड वाली फिल्म होगी। इस प्रोजेक्ट के अलावा संजू बहुत जल्द 'शमशेरा' की डबिंग और भुज: प्राइड ऑफ इंडिया’ का बचा हुआ काम भी पूरा करेंगे।
कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी ले रहे
संजय दत्त के करीबियों ने उनकी हेल्थ को लेकर भी नई डेवलपमेंट बताई है। उनके मुताबिक संजय कीमो की बजाय इम्युनोथेरेपी ले रहे हैं। यह एक नई तकनीक है। जिसमें शरीर की प्रतिरक्षक कोशिकाएं, कैंसर की मेलिनेंट कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती हैं।
इस थेरेपी में स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं होता
इम्युनोथेरेपी लेने से बीमारी से लड़ने की ताकत इतनी मजबूत हो जाती है कि कैंसर तक का मुकाबला किया जा सकता है। रिपोर्ट में बहुत से लोगों को इम्युनो ओंकोलॉजी से फायदा हुआ है। इस तकनीक में हर इंसान की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इम्युन बूस्टर थेरेपी दी जाती है। लिहाजा इम्युन सेल्स खासतौर पर कैंसर की कोशिकाओं पर हमला करती हैं और शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती।
कीमोथेरेपी में हेल्दी सेल्स भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं
कीमोथेरेपी के मुकाबले यही यहां फर्क है। कीमो के दौरान हेल्दी सेल्स भी अफेक्ट हो जाती हैं। नतीजतन कैंसर रोग के दोबारा होने के आसार रहते हैं। संजय दत्त इम्युनोथेरेपी ले रहे हैं। इससे इलाज के साइड इफेक्ट से वो बचे रह सकते हैं।
कोरोना काल में भी अक्षय कुमार काफी एक्टिव हैं और काफी तेजी से फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म 'बेलबॉटम' पूरी करने के बाद अब वे जल्द ही यशराज प्रोडक्शन की फिल्म 'पृथ्वीराज चौहान' की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। उनके करीबियों का कहना है कि वे आठ अक्टूबर से इस फिल्म के शूट में जुट जाएंगे।
फिल्म की शूटिंग की तैयारी के सिलसिले में मंगलवार से क्रू मेंबर्स का कोरोना टेस्ट शुरू हो चुका है और नेगेटिव रिजल्ट वालों को ही स्टूडियों में एंट्री दी जाएगी। इस दौरान प्रोडक्शन से जुड़े लोगों को स्टूडियो के करीब होटल में रुकवाया गया है। पूरा क्रू शूटिंग से पहले और बाद में एक साथ होटल से स्टूडियों तक आना जाना करेगा। तकनीकी तौर पर इसे 'बायो बबल' कहा जाता है।
फिल्म की 30 प्रतिशत शूटिंग होना बाकी
इससे पहले 'पृथ्वीराज चौहान' की टीम ने साढ़े छह महीने पहले जयपुर में आउटडोर में एक्शन सीक्वेंस शूट किया था। सूत्रों ने बताया, 'आठ अक्टूबर से अब क्लाइमैक्स शूट होना है। जिसमें मोहम्मद गौरी, पृथ्वीराज चौहान को अंधा करवा देता है। वही सीक्वेंस फिल्माया जाएगा, साथ ही इस दौरान उनकी सेनाओं की लड़ाई भी दिखाई जाएगी। जयपुर तक फिल्म का 70 प्रतिशत हिस्सा शूट किया जा चुका था। आगे नवंबर तक इसका बाकी बचा 30 प्रतिशत हिस्सा भी शूट किया जाएगा।'
50 लोगों के साथ शूट होंगे वॉर सीक्वेंस
मौजूदा हालातों के चलते वॉर सीक्वेंस भी स्टूडियो में ही फिल्माए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि कोरोना की परिस्थितियों के चलते 50 से ज्यादा लोगों को शूटिंग पर नहीं रखा जा सकता। लिहाजा इतनी ही तादाद में वॉर सीक्वेंस फिल्माए जाएंगे। आम दिनों में ऐसे सीक्वेंस 400 से 500 लोगों के साथ शूट होते थे। अभी कम क्रू मेंबर्स के साथ इसे अंजाम दिया जाएगा। आगे पोस्ट प्रोडक्शन में वीएफएक्स की मदद से इसे 1000 की सेना में बदल दिया जाएगा।
बेलबॉटम में जेम्सबॉन्ड की तरह दिखेंगे अक्षय
उधर, 'बेलबॉटम' में अक्षय कुमार अस्सी के दशक के जेम्सबॉन्ड स्टाइल का एक्शन करते नजर आएंगे। सेट पर मौजूद लोगों ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा, 'हमारी फिल्म सातवें और आठवें दशक में सेट है। साथ ही यूरोप, चाइना, रशिया, अमेरिका के जासूसों से डील करती है। ऐसे में फिल्म के हीरो को इंडियन जेम्सबॉन्ड सा दिखाया गया है, जो दिमागी एक्शन करने में भी माहिर है। हां, मगर आधुनिक तकनीकों से लैस गैजेट्स जैसे गाडि़यां, घडि़यां आदि जो रियल जेम्सबॉन्ड के पास होती हैं वो सब नहीं है।'
फिजिकल एक्शन कम रखा गया
फिल्म की एक्शन टीम ने फिल्म में ब्लास्ट वाले सीन को कम किया है। वो इसलिए क्योंकि बहुत कम समय में फिल्म को शूट करना था। विलेन के साथ हाथापाई भी कम रखी गई है। यहां अक्षय कुमार दिमागी करतबों से दुश्मनों से लोहा लेते नजर आएंगे।
हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'परिवार' में अभिनेता गजराज राव एक बार फिर अपनी एक्टिंग का जलवा दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वेब सीरीज को उन्होंने सिर्फ इस मकसद से साइन किया क्योंकि उन्हें फिल्म 'भेजा फ्राई' के डायरेक्टर के साथ काम करना था। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने इसकी शूटिंग और अपने जीवन से जुड़े किस्से साझा किए।
Q- इस कोरोनाकाल ने हम सभी को बहुत कुछ सिखाया है आपने इस मुश्किल समय से क्या सीख ली है?
गजराज- 'हम सभी ने कोरोना काल में यह सीखा है कि कैसे खुद को बचा कर के काम करना है, सुरक्षित रहना है। मुझे नहीं लगता कि यह मास्क हमारी जिंदगी से अगले 1 या 2 सालों में कहीं जाने वाला है लेकिन आज भी जब लोग मास्क को नाक के नीचे पहनते हैं तो गुस्सा आता है। कुछ दिन पहले ही मैं बैंक गया था जहां लोग मास्क को नाक के नीचे पहने दिखे। मेरा मन किया कि मैं जाकर कुछ बोलूं लेकिन आजकल लोग बहुत जल्दी भड़क जाते हैं। हम सभी को यह समझना होगा कि मास्क हम अपनी सुरक्षा के लिए पहन रहे हैं, मात्र एक ड्यूटी के लिए नहीं।'
Q- इस वेब सीरीज में आपका लुक बहुत इंटरेस्टिंग है, पहली बार आपको बड़े बालों में देखा जा रहा है?
गजराज- ''परिवार' में मेरा लुक डायरेक्टर सागर बल्लारी ने डिसाइड किया है। मैं उनकी फिल्म 'भेजा फ्राई' का बहुत बड़ा फैन हूं और उसे करीब 25 से 50 बार देख चुका हूं। तो मैं बहुत खुश था कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला और चीजें अपने आप आसान होती गईं। इस लुक को भी उन्होंने ही डिसाइड किया था और सबको ये बहुत पसंद आ रहा है।'
Q- रणवीर शौरी, विजय राज और अभिषेक बनर्जी सभी अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, क्या सेट पर भी हल्का-फुल्का मजाक हुआ करता था?
गजराज- 'ये सभी एक्टर्स इंडस्ट्री के धुरंधर हैं और मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे इन सबके साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि हमारा जो शेड्यूल था वो बहुत हेक्टिक था और हमने भरी गर्मी में लखनऊ में आउटडोर लोकेशन पर शूट किया है। जिसकी वजह से सभी की हालत बहुत खराब थी। हम लोग अक्सर हंसी ठिठोली किया करते थे पर हेक्टिक शेड्यूल की वजह से सभी का फोकस काम पर ज्यादा रहता था।'
Q- 'बधाई हो' की सक्सेस के बाद से आपके पास फिल्मों के बहुत ऑफर आ रहे हैं लेकिन किसी भी प्रोजेक्ट को चुनने के पीछे आप का क्या उद्देश्य होता है?
गजराज- 'मुझे ऐसा लगता है कि रोल मुझे खुद चुन लेते हैं, स्क्रिप्ट्स मुझे चुनती हैं। इस सीरीज को करने के पीछे उद्देश्य सिर्फ यही था कि मुझे 'भेजा फ्राई' के डायरेक्टर के साथ काम करना था और प्रोड्यूसर के पिछले कुछ शोज मैंने देखे थे जो मुझे काफी पसंद आए थे तो मैं इस सीरीज का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक था। हर प्रोजेक्ट को चुनने के पीछे अलग-अलग कारण होते हैं और सबसे महत्वपूर्ण कारण होता है स्क्रिप्ट।'
Q- 'इंडिया वाली मां' सीरियल का प्रोमो आपने हाल ही में डायरेक्ट किया वो भी अपने घर पर बैठे-बैठे कैसे संभव हुआ?
गजराज- 'मैं दरअसल एक प्रोडक्शन कंपनी में 15 से 17 सालों से प्रोमो डायरेक्ट कर रहा हूं। यह एक नया अनुभव इसलिए था क्योंकि मैं घर पर था और मेरी पूरी टीम स्टूडियो में थी। इस प्रोमो को मैंने रिमोट की मदद से शूट किया और सभी को बहुत पसंद आ रहा है।'
फिल्म 'बधाई हो' के सेट पर नीना गुप्ता और सुरेखा सीकरी के साथ गजराज राव।
Q- आपकी फिल्म 'बधाई हो' की को-स्टार सुरेखा जी की तबीयत नासाज है क्या हाल ही में कभी उनसे आपकी बात हुई है?
गजराज- 'मैं सुरेखा जी से नियमित टच में हूं। उनसे बात करता रहता हूं उनकी, उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेता रहता हूं। कुछ दिन पहले उनसे मेरी बात हुई थी और वो बात कर पा रही थीं। जहां तक आर्थिक मदद का सवाल है तो सुरेखा जी खुद ही इतनी सक्षम हैं कि उन्हें किसी की भी मदद की जरूरत नहीं है। वे एक बहुत ही जिजीविषा वाली महिला है और मुझे पूरा विश्वास है कि 2 महीने में वे अपने पैरों पर खड़ी हो जाएंगी और फिर से काम करने लगेंगी, क्योंकि एक्टिंग उनका पैशन है और उनमें जीवन जीने की ललक बहुत है। मुझे वे बहुत प्रिय है और हम सभी को बहुत इंस्पायर करती हैं।'
सिनेमाघर वालों को सलमान खान, वरुण धवन और रणवीर सिंह की फिल्मों के प्रोड्यूसर्स से आश्वासन मिला है। अगर मुंबई, तमिलनाडु, दिल्ली और आंधप्रदेश की टेरेटरी में भी सिनेमाहॉल खुलने की परमिशन मिले तो उनकी फिल्में थिएटर में ही रिलीज होंगी। फिलहाल इन टेरेटरी में राज्य सरकार की तरफ से इजाजत नहीं मिली है। इस बाबत इन जगहों के सिनेमाघर संचालकों ने अपने-अपने राज्यों के आर्ट और कल्चर मिनिस्टर्स से आपात बैठक की है। दलीलें दी हैं कि जब रेस्टोरेंट, मॉल और बार तक खुलने की परमिशन मिल गई है तो सिनेमाघरों के खुलने पर रोका टोकी क्यों है?
मुंबई की टेरेटरी अकेले बॉक्स ऑफिस का 25 फीसदी कलेक्शन लाता है। यहां ओपन किए बिना सूर्यवंशी आदि बड़े बजट वाली फिल्में अपनी लागत और प्रॉफिट रिकवर नहीं कर पाएंगी। जब लॉकडाउन नहीं था तो महाराष्ट्र सरकार ने 24 घंटे सिनेमाघर खोलने की अनुमति दी थी।
शुरुआत में दिखाई जाएंगी पुरानी 3डी फिल्में
सिनेमाघर संचालक साथ ही शुरूआत में चार पांच साल पुरानी फिल्में खासकर 3डी वर्जन वाली फिल्में लाएंगे। मिसाल के तौर पर ‘बाहुबली’, ‘शिवाय’, ‘तान्हाजी’ जैसी फिल्में। इसके अलावा बड़े शहरों में सर्वे करवाए जा रहे हैं। सिनेमाघर खुलने की अनुमति मिलते ही लोगों के मूड के हिसाब से उन शहरों में रोमांटिक, हॉरर, एक्शन, कॉमेडी जॉनर की फिल्में रिलीज होंगी। जहां कल्ट फिल्मों की डिमांड होगी, वहां वे रिलीज होंगी।
कार्निवल सिने चेन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कुणाल स्वाहने ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सिनेमाघरों की तैयारियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा, ‘हम सरकारी गाइडलाइंस का इंतजार कर रहे हैं। अब तक हमें यूपी में सिनेमाघर ओपन करने की परमिशन आ गई है। गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड में भी सिनेमाघर ओपन करने की इजाजत मिल गई हैं। बाकी राज्यों के मुख्य मंत्रियों से भी हमारी बातें चल रही हैं।'
सिनेमाघरों में मिलेंगी खास सुविधाएं
टिकट रेट कम करने पर सोच रहे हैं। कस्टमर को हम ढेर सारे आफर देंगे। सभी सिनेमाघर वाले अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दे रहे हैं कोविड सुरक्षा को लेकर। फिर उनके टेस्ट होते रहेंगे, सीट क्लीनिंग भी युद्ध स्तर पर होती रहेंगी, जितने भी खाने हैं, वो हम न्यू ऑर्डर कर रहे हैं, कैश पॉइंट को कैश लेस बना रहे हैं, दरवाजा भी खोलने के लिए लेग हैंडल का यूज होगा।
टिकट के दाम होंगे कम
टिकट और फूड पर तीन चार ऑफर सोचे जा रहे हैं। मंगलवार तक वह ऑफिशियल किया जाएगा। टिकटें भी बहुत कम रेट की होंगी। वह इसलिए कि नई बड़ी मूवी तो हाल फिलहाल रिलीज हो नहीं रहीं। 125 रुपए औसतन टिकट प्राइस होंगी। वह बस सिनेमा दर सिनेमा और शो दर शो वैरी करता रहेगा। हालांकि सरकार की तरफ से एंटरटेनमेंट टैक्स में कटौती की अनुमति तो नहीं मिली है। 250 रुपए का सिंगल पॉपकॉर्न था तो अब कॉम्बो निकालेंगे। वह इसलिए कि अब पॉपकॉन शेयर नहीं किया जाएगा । छोटे साइज के पॉपकॉर्न व कोल्ड ड्रिंक लाएंगे।
एंट्री गेट पर लगेगी स्कैनिंग मशीन और सैनिटाइजर
सिनेमाघरों की एंट्री पर नए तरीके आजमा रहे हैं। हम दो किस्म की मशीनों पर काम कर रहे हैं। एक तो यह कि मशीन में ही टिकट स्कैन हो जाएगा, जो आप की मोबाइल पर भेजा जा चुका होगा। प्रिंट टिकट का झंझट खत्म रहेगा। वही मशीन स्कैनिंग के अलावा आप को वहीं पर सैनिटाइजर प्रोवाइड करेगी। गार्ड भी वहां अपॉइंट रहेगा। प्रॉपर मास्क और ग्लव्स के साथ। बिना मास्क के तो हम दर्शकों को भी अलाउ नहीं करेंगे।
थिएटर में तापमान रहेगा नियंत्रित
सैनिटाइजर तो हर जगह होगा। एंट्री से लेकर कैफेटेरिया, वॉशरूम, बॉक्स ऑफिस आदि हर जगह। दीवार भी टच कर रहे होंगे, वहां भी सैनिटाइजर ऑफर करेंगे। सिनेमाघर साथ ही फ्रेश एयर पर भी काफी काम कर रहे हैं। रूम टेंपरेचर को भी हम काफी कंट्रोल में रखेंगे। बैक ऑफिस पर ज्यादा काम किया जा रहा है।
सिनेमाघरों के खुलने को लेकर राज्य सरकारों की परमिशन की इजाजत का इंतजार सब कर रहे हैं। इसी बीच सिनेमाघरों की ताकत का अंदाजा एक रिसर्च से पता चला है। वह यह कि सिनेमाघर देश की 10 फीसदी आबादी तक फिल्मों को लेकर जाते हैं। तकरीबन 14 करोड़ और 6 लाख लोग कम से कम एक फिल्म देखते हैं। सिनेमाघरों में जाने की आदत सबसे ज्यादा साउथ के लोगों में है। मीडिया कंसल्टिंग फर्म ऑरमैक्स मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह बात की है। हर इंसान साल भर में विभिन्न भाषाओं की सात फिल्में औसतन देखता है।
सिनेमाघरों तक पहुंच रखने वालों का 58% हिस्सा शहरी भारत से आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भारत की 69% आबादी रहती है, लेकिन थिएटर जाकर फिल्म देखने वालों में उसका हिस्सा सिर्फ 42% है, क्योंकि उन क्षेत्रों में थिएटर्स की संख्या कम है।
भारत की 52% पुरुष आबादी थिएटर जगत में 61% का योगदान करती है। देश में सिनेमाघर जाने वालों की औसत आयु 27.5 वर्ष है।
हिंदी (51%), तेलुगु (21%), तमिल (19%) और हॉलीवुड (डब वर्जन्स सहित 15%) शीर्ष 4 भाषाएं हैं, जिनमें भारत के सिनेमाघरों में फिल्में देखी गई हैं।
लॉकडाउन के बाद गुजरात, कर्नाटका, उत्तराखंड में भी सिनेमाघर ओपन करने की इजाजत मिल गई हैं।
ऑरमैक्स मीडिया के संस्थापक और सीईओ शैलेश कपूर ने कहा- “सिनेमाघर जाकर फिल्म देखने वाले भारतीय दर्शकों के बारे में अब तक के उपलब्ध डेटा की गुणवत्ता बहुत खराब रही है। 14.6 करोड़ दर्शकों वाले भारत के थिएटर जगत का आकार इतना बड़ा तो है कि वह डेटा की बेहतर गुणवत्ता का हक रखता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण और बहुभाषी देश में, ऐसे डेटा का अभाव कंटेंट और मार्केटिंग रणनीतियों की योजना बनाते वक्त स्टूडियो और स्वतंत्र निर्माताओं के लिए राहें सीमित करने वाला अहम कारक हो सकता है। हालांकि हमें विश्वास है कि यह सिनेमाघरों से जुड़े व्यवसाय के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को ज्यादा जानकारियों के आधार पर बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।"
करन जौहर की हाउस पार्टी, करन जौहर का वीडियो, करन जौहर की फिल्में, करन जौहर का बढ़ाया हुआ नेपोटिज्म और अब करन जौहर की ड्रग पार्टीज... खबरों के अनुसार करन जौहर का नाम रकुल प्रीत सिंह ने पूछताछ के दौरान भी लिया। अब एक और एक्ट्रेस सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने यह खुलासा किया है कि बॉलीवुड में वापसी के लिए उनसे करन जौहर की ड्रग्स पार्टीज में जाने के लिए कहा गया था। बकौल सुचित्रा ऐसा करने के लिए उन्हें क्वॉन टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी ने ही कहा था।
एजेंट ने बताया था वापसी का गलत रास्ता
सुचित्रा से एक बार क्वॉन के एक रिप्रेजेंटेटिव ने पूछा था कि वे एक्टिंग में वापसी क्यों नहीं करतीं। तब सुचित्रा ने कहा था कि उनके बच्चे बहुत छोटे हैं। उस बुकिंग एजेंट ने सुचित्रा से कहा था कि फिल्मों में वापसी करना आसान नहीं है। उस एजेंट का कहना था कि सुचित्रा को वापसी करने के लिए करन जौहर की पार्टीज में जाना होगा।
एजेंडा से चलती है लोगों की अंतरआत्मा
एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने यह बताया कि बॉलीवुड ड्रग नेक्सस के एक्सपोज होने पर चुप है। बॉलीवुड में कई बड़े मुद्दों पर चुप्पी साध ली जाती है क्योंकि जो माहौल है वह ऐसा कि तुम मेरी पीठ खरोंचो तो मैं तुम्हारी पीठ खरोंचता हूं। इतना ही नहीं इनकी सामाजिक अंतरआत्मा भी एजेंडा से चलती है।
शाहरुख के साथ दी थी बड़ी हिट
सुचित्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। अक्सर वे ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार रखने के कारण चर्चा में रहती हैं। सुचित्रा की शादी शेखर कपूर से हुई थी, लेकिन उनका तलाक हो चुका है। सुचित्रा ने शाहरुख के साथ कभी हां कभी ना जैसी हिट फिल्म दी थी। सुचित्रा की लेटेस्ट फिल्म जॉन अब्राहम के साथ रोमियो अकबर वॉल्टर थी।
जाने-माने प्लेबैक सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का 74 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। वे पिछले करीब डेढ़ महीने से चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका कोरोना का इलाज चल रहा था। 50 साल के सिंगिंग करियर में बाला ने बॉलीवुड के कई म्यूजिक डायरेक्टर्स और सिंगर्स के साथ काम किया। जिनमें से कुछ ने दैनिक भास्कर के साथ उनसे जुड़े कुछ किस्से साझा किए।
ललित पंडित : किशोर कुमार को टक्कर देने वाले एक ही इंसान थे एसपी बालू जी
संगीतकार ललित पंडित ने बालू से जुड़ी यादें शेयर करते हुए बताया, 'एसपी जी बहुत मंजे हुए सिंगर थे। उनका रिकॉर्ड तो अविश्वसनीय है। बड़े ही गुणी इंसान थे। ‘सागर’ में किशोर कुमार के साथ कोई उनकी मस्ती के साथ मैच कर सकता था तो वो एकमात्र बालू सुब्रमण्यम ही थे। ‘यूं ही गाते रहो’ गाने में ऋषि कपूर और कमल हासन थे। उसमें किशोर कुमार को बालू जी ने जोरदार टक्कर दी थी। बालू की याददाश्त और ग्रास्पिंग पावर अपने समकालीनों से मीलों आगे थी। कोई भी गाना वो दो बार सुनकर ही याद कर लेते थे और पूरा गा देते थे।'
ललित के मुताबिक, 'वो एक्सप्रेशन में गाने लिखा भी करते थे। हमारे यानी जतिन-ललित के करियर में बालू जी के सिवाय किसी और गायक के साथ एक चीज नहीं हुई। वो है एक ही दिन में किसी फिल्म के पूरे गाने रिकॉर्ड होना। फिल्म थी ‘वादे-इरादे’। उसमें पांच गाने थे और उन्होंने रिक्वेस्ट की थी कि वो मद्रास से सुबह की फ्लाइट से आकर रात वाली से वापसी कर लेंगे। हमें हैरानी हुई कि एक दिन में पांच गाने कैसे रिकॉर्ड होंगे। तो उस पर उन्होंने कहा कि अगर काम संतोषप्रद नहीं हुआ तो वे वापसी की फ्लाइट कैंसिल कर लेंगे।'
संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित के ललित पंडित।
आगे उन्होंने बताया, 'यकीन मानिए, उन्होंने उस पूरे दिन बिना कुछ खाए पूरा गाना रिकॉर्ड किया और फिर गए। जैसे लता दीदी सुर की पक्की हैं, ठीक वही हाल बालू जी का था। हम खुद अमूमन सिंगर्स से काफी रियाज के बाद गवाते हैं। तभी हमारे साथ काम कर चुके नौ गायकों को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। मगर बालू जी के साथ ऐसा नहीं करना पड़ा। वो इतने माहिर जो थे। एयरपोर्ट से स्टूडियो सेंटर आने जाने में ढाई घंटे लगते थे। वो वक्त जोड़ने के बाद भी बालू जी ने एक दिन में पूरी फिल्म के गाने रिकॉर्ड कर दिए थे।'
'उनके सुर कभी ऊपर नीचे नहीं लगते थे। सुर पक्के थे तभी वो गायकी के दौरान एक्सप्रेशन ले आया करते थे कि इस अंतरे या मुखड़े पर जरा रोमांस ले आइये। वो बाकयदा पेपर पर लिखे हुए गानों पर मार्क कर देते थे। फिर गाते थे। जरूरत पड़े तो कॉमेडी कर लें। लता जी की तरह उनकी इंटोनेशन बिल्कुल परफेक्ट थी। लता जी जिस तरह परफेक्ट नोट लगाती हैं, जो कि बिल्कुल निखर कर आता है, ठीक वही हालत एसपी बालू जी की थी।'
'यह जरूर था कि उनके उच्चारण को संभालना पड़ता था, क्योंकि साउथ इंडियन एक्सेंट आता ही था। हजारों में उन्होंने साउथ में गाने गाए हैं तो वह लहजा निश्चित तौर पर रह ही जाता है। असर आना लाजिमी था।'
राम-लक्ष्मण: 'मैंने प्यार किया' के वक्त पूरी टीम नई थी, इसलिए सलमान पर एसपी बालू जी की आवाज ट्राई की
संगीतकार राम-लक्ष्मण ने बालू को याद करते हुए कहा, ‘मैंने प्यार किया’ के दौरान सलमान, भाग्यश्री, सूरज बड़जात्या जी और मैं खुद सब नए थे। नई टीम थी। लिहाजा गीत-संगीत में भी हम नयापन चाह रहे थे। गायकी में जरूर लता जी की अनुभवी आवाज थी।'
'उस वक्त तक रफी साहब का देहांत हो चुका था, किशोर दा भी नहीं थे और मुझे बालू जी के सिवाय तत्कालीन सिंगर्स में से कोई पसंद नहीं थे। वो इसलिए क्योंकि उसके थोड़े दिन पहले ही ‘एक दूजे के लिए’ में बालू जी की आवाज पसंद आई थी। वो भी रोमांटिक फिल्म थी। बालू जी से जो गाने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी ने गवाए थे, वे हिट थे। तभी अपने कंपोजिशन के लिए बालू जी को बुलाया। हम ऐसी आवाज चाहते थे, जो दीदी के सामने टिक सके।'
'लता जी को कोई आपत्ति नहीं थी। वो इसलिए क्योंकि बालू जी साउथ में पॉपुलर तो थे ही हिंदी में भी वो कमल हासन आदि की आवाज थे ही। बालू जी की हिंदी में साउथ इंडिया का लहजा आता तो था। पर रिकॉर्डिंग के दौरान रियाज कर वो दूर हो जाया करता था। हमने जब-जब उनके और सलमान के साथ मिलकर गाना किया, हमारे हीरो तो बालू जी ही हुआ करते थे।'
संगीतकार जोड़ी राम-लक्ष्मण के लक्ष्मण यानी विजय पाटिल।
'पांच-छह महीने पहले बात हुई थी उनसे। उन्होंने मेरी सेहत का हाल पूछा था। मेरे गानों का हीरो मैंने खो दिया। हमने 25 फिल्में साथ में कीं। मेरी फिल्मों के गानों में सलमान के लिए सदा उनकी ही आवाज रही। ‘हम साथ-साथ हैं’ से जरूर हमारा साथ छूटा। वो इसलिए क्योंकि वो सोलो हीरो फिल्म नहीं थी। तीन हीरो थे। फिल्म का जॉनर अलग था। वहां फिर हमने हरिहरन आदि को अपनाया। उसके बाद ‘हंड्रेड डेज’ में जैकी श्रॉफ पर भी उनकी आवाज फिट बैठती थी। तो सलमान के साथ कोई ऐसी मनमुटाव वाली बात नहीं थी।'
‘बॉम्बे फिल्म लेबोरेट्री’ में वो जब भी मद्रास से आते थे तो उनकी आवाज से ही पूरे माहौल में ताजगी घुल जाती थी। ‘एक दूजे के लिए’ के टाइम पर भी एसपी बालू जी पॉपुलर हुए थे, मगर एक बार फिर ‘मैंने प्यार किया’ से वो छा गए।
बप्पी लहरी: बालासुब्रमण्यम को एक बार गाना बता दो तो सीख लेते थे
बप्पी लहरी ने शेयर करते हुए बताया, 'एसपी बालासुब्रमण्यम के साथ मैंने हिंदी, तमिल और तेलुगू में बहुत काम किया। एक पिक्चर थी- 'इंसाफ की आवाज' इसमें गाना था- इरादा करो तो पूरा करो...। इसे उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गाया था। इसके बाद फिल्म- 'फर्स्ट लव लेटर' में उन्होंने लता मंगेशकर के साथ दीवानी-दीवानी... दीवाना तेरा हो गया... गाया। इस तरह हमने साथ में बहुत काम किया। वे दुनिया के लीजेंड में से एक थे। एक बार गाना बता दो तो सीख जाते थे, उन्हें दोबारा बताना नहीं पड़ता था। ऐसे गुणी सिंगर कम ही होते हैं। हम लोगों के लिए बहुत बड़ा लॉस हो गया। बालासुब्रमण्यम साहब हंसमुख स्वभाव और बहुत अच्छे नेचर के थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।'
बप्पी लहरी
राजेश्वरी लक्ष्मीकांत: डैडी उन्हें गाने के लिए बुलाते रहते थे
'बालू अंकल के साथ मैंने ये राजू ये डैडी... (फिल्म- एक ही भूल) में गाया। उन्होंने बहुत सपोर्ट किया। मेरे डैडी लक्ष्मीकांत ने बालू अंकल से कहा कि कुछ अपने मन से गाइए और राजेश्वरी को भी वैसे ही गवाइए। उन्होंने मुझे इतने सरल तरीके से समझाया कि मैं सहज ही समझ गई। उन्होंने इतनी सरलता से पूरा गाना गाया कि ऑन द स्पॉट उन्हें फॉलो कर सकी। खैर, जब वे चेन्नई से मुंबई रिकॉर्डिंग के लिए आते थे, तब डैडी घर पर उन्हें डिनर के लिए जरूर बुलाते थे।'
'जब कभी डैडी भी चेन्नई जाते थे तो उनके घर जाते थे। डैडी कहते थे कि मैं रिकॉर्डिंग स्टूडियो में उन्हें सिर्फ 15 मिनट पहले बुलाता हूं। इससे पहले उन्हें आने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि वे 15 मिनट में ही गाना पिक कर लेते थे। इतनी जल्दी गाने को पकड़ लेते थे कि तारीफ में कहते थे कि आप अपने घर का पता दो, इस पर वह मुस्कुरा देते थे। मुझे ही नहीं, मेरी मम्मी का भी फेवरेट जो गाना है, वो है- 'हम-तुम दोनों जब मिल जायेंगे एक नया इतिहास बनाएंगे...'
'मुझे लगता है कि 'एक दूजे के लिए' का यह गाना उनका पहला हिंदी गाना था। उसके बाद एक ही भूल, रास्ते प्यार के, जरा सी जिंदगी, अग्निपथ आदि फिल्मों में गाने के लिए बुलाते रहते थे। उनका जब से एसोसिएशन हुआ तब से उनसे गाने लेते ही रहते थे। पता नहीं पिताजी को क्या सूझा कि एक ही भूल फिल्म में पहली बार गाने वाली थी, तब डैडी ने बालू अंकल को ही बुलाया। और किसी से भी गवा सकते थे। खैर, बालू अंकल जाना इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वेरी सैड न्यूज। उन्हें मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।'
ड्रग्स मामले में बॉलीवुड से दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुल प्रीत सिंह जैसे चर्चित नाम उभरकर सामने आए हैं। विज्ञापन जगत में इनकी काफी डिमांड रही है। मगर ड्रग्स मामले में लिप्त पाए जाने के बाद एड गुरुओं का मानना है कि इन एक्ट्रेसेस की ब्रांड वैल्यू और अपकमिंग ऑफर्स पर बुरा असर पड़ेगा।
ट्रेड एक्सपर्ट्स के मुताबिक दीपिका के पास फिलहाल 33 से ज्यादा ब्रांड्स हैं। वहीं श्रद्धा के पास 13 और सारा के पास 11 ब्रांड्स हैं। लेकिन नए विवाद के बाद मौजूदा सभी ब्रांड्स भी शूट और प्रमोशन की प्रक्रियाओं को होल्ड पर रख रहे हैं।
दोषी साबित हुईं तो ब्रांड्स हाथ से निकल जाएंगे
इस मामले को लेकर पीयूष पांडे कहते हैं, 'दीपिका या जिसका भी नाम सामने आया है, अगर वो गुनहगार साबित होते हैं तब तो यकीनन ब्रांड्स उनके हाथ से निकल जाएंगे। हालांकि अभी सब कुछ जांच के स्तर पर ही है। इस मामले में दीपिका या किसी और कितना नुकसान होगा, वो कहना जरा जल्दबाजी होगा।'
उन्होंने कहा, 'आलिया भट्ट का ही देखें तो नेपोटिज्म को लेकर सोशल मीडिया के निशाने पर वे आईं, फिर भी उन्हें आमिर खान के साथ नया ऐड मिला ही। समझदार कंपनी तो ड्रग्स के मामले में जांच के खत्म होने का इंतजार करेगी।'
आगे से कंपनियां भी अलर्ट मोड में आ जाएंगी
आगे उन्होंने कहा, 'इस स्टेज की बात करें तो वैसे भी फिलहाल शूटिंग कम हो रही हैं। ऐसे में दीपिका आदि से जुड़ी कंपनियों ने अपने एंडोर्समेंट होल्ड पर रख लिए हैं। मेरे ख्याल से यह सब जब शांत हो जाएगा, तब दर्शकों की मेंटैलिटी पर सब डिपेंड करेगा। मेरी सोच कहती है कि आगे से नए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने में कंपनियां हड़बड़ी नहीं करेंगी।'
सुशांत सिंह राजपूत केस की सीबीआई जांच जारी है। इसी बीच सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई की पूछताछ का सामना कर चुकी श्रुति मोदी के वकील अशोक सरोवगी की पत्नी सरला सरोवगी न्याय फिल्म बना रही हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर ने फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत का किरदार निभाने वाले अभिनेता जुबैर खान से बातचीत की जिन्होंने बताया कि फिल्म के 2 क्लाइमेक्स शूट होंगे।
मुझे यकीन है इस फिल्म से वो (अशोक सरोवगी) न्याय जरूर करेंगे:
पिछले कुछ महीने से मुझे कुछ 2-3 फिल्में ऑफर हुई थी हालांकि मैं उन प्रोजेक्ट्स को लेकर कॉन्फिडेंट नहीं था। इसी बीच जब मुझे एक प्रोडक्शन हाउस से कॉल आया कि वे सुशांत सिंह राजपूत पर आधारित एक फिल्म बना रहे हैं जिसमे वे मुझे लीड रोल के लिए कास्ट करना चाहते हैं। ये फिल्म अशोक सरोवगी (सुशांत सिंह राजपूत की एक्स-मैनेजर श्रुति मोदी के वकील) की पत्नी सरला सरोवगी प्रोड्यूस कर रही हैं। फिल्म की पूरी कहानी अशोक सरावगी लिख रहे हैं। जब टीम ने मुझे फिल्म का नाम 'न्याय' बताया तब मुझे लगा कि इस फिल्म से जुड़ना चाहिए। अशोक सरोवगी ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले को बहुत बारीकी से देखा है, मुझे यकीन है इस फिल्म से वो न्याय जरूर करेंगे।
सुशांत को मैं बहुत अच्छे से जनता था:
सुशांत को मैं बहुत अच्छे से जनता था। तकरीबन 5 साल पहले से हम दोनों एक ही जिम में वर्कआउट करते आ रहे थे। मार्शल आर्ट से लेकर ग्रीन रूम तक, हम बहुत बात करते थे। उस दौरान मैं सुशांत को बहुत फॉलो करता था और इसीलिए उनकी बॉडी लैंग्वेज मुझे अच्छे से समझ आई जिससे फिल्म को काफी मदद हो रही है। इसके अलावा, अपने किरदार की तैयारी के लिए मैं उनके इंटरव्यूज देख रहा हूं। अपनी फिल्म के जरिये हम लोगों को सुशांत रियल लाइफ में कैसे थे वो बताने की कोशिश कर रहे है।
हम 2 क्लाइमेक्स सीन शूट करेंगे:
फिलहाल सुशांत सिंह राजपूत के मामले में किसी भी तरह का परिणाम आया नहीं हैं और इसीलिए अंत में हमारी फिल्म में भी हम जज पर फैसला छोड़ देंगे। CBI, ED, NCB, मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस - इन सभी का रोल हम अपनी फिल्म में दिखाएंगे। सच कहूं तो हम 2 क्लाइमेक्स सीन शूट करेंगे। यदि फिल्म के रिलीज होने तक इस मामले में जजमेंट आ गया तो हम उस सीन को बदल देंगे नहीं तो हम ऑडियंस या जज पर छोड़ देंगे।
हमारा फोकस पूरी तरह सुशांत और रिया की कहानी पर है:
फिल्म की कहानी में तकरीबन 10% ड्रग का इन्वॉल्वमेंट दिखाया जाएगा क्योंकि अब वो बात बाहर आ चुकी है। नेपोटिज्म से जुड़ा कोई विषय नहीं दिखेगा क्योंकि हमारा फोकस पूरी तरह सुशांत और रिया की कहानी पर है। सुशांत की जिंदगी में रिया के आने के बाद क्या हुआ, ये सब फिल्म में दिखाया जाएगा। फिल्म में अंकिता लोखंडे, सारा खान, सुशांत के परिवार वालों का हिस्सा भी नजर आएगा। हां, कुछ झलक ऑडियंस को ऐसी भी देखने मिलेंगी जो अब तक मीडिया में नहीं आई हैं। अशोक जी इसके बारे में बहुत अच्छे से जानते हैं। उम्मीद है लोगों को ये फिल्म जरूर प्रेरित करेगी।
सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर जया साहा से लगातार दूसरे दिन एनसीबी ने पूछताछ की। इन दोनों ही दिनों में जया ने क्वॉन एजेंसी में अपने काम के बारे में बताया। जो उन्होंने सीबीआई और ईडी को भी बताया था। जया क्वॉन के 10 पार्टनर में से एक हैं। उनका 2 परसेंट का हिस्सा है। गौरतलब है कि जया ने सुशांत के साथ 2016 में काम शुरू किया था।
जया ने दिलाया था सुशांत को इतना काम
जब जया सुशांत की मैनेजर थीं तब उन्होंने सुशांत को 6 फिल्में दिलाईं थीं। इनमें ड्राइव, सोनचिरिया, केदारनाथ, छिछोरे भी थीं। ड्राइव के लिए सुशांत को 2.25 करोड़ रुपए मिले थे। सोनचिरिया के लिए 5 करोड़ और केदारनाथ के लिए 6 करोड़ मिले थे। वहीं छिछोरे के लिए भी 5 करोड़ और दिल बेचारा के लिए 3.5 करोड़ रुपए मिले थे। इन फिल्मों के अलावा जया ने साल 2016 से 2019 के बीच सुशांत को 21 ब्रांड्स के एंडोर्समेंट और इवेंट भी दिलाए थे।
12 करोड़ मांग रहे थे सुशांत, लेकिन बात नहीं बनीं
इंडिया टुडे की खबर के अनुसार अपने स्टेटमेंट में जया ने कहा उन्होंने सुशांत से आखिरी बार 5 जून को बात की थी। जो कि कुमार मंगत की फिल्म के बारे में थी। सुशांत को स्क्रिप्ट भी पसंद आ गई थी लेकिन वे साइनिंग अमाउंट 6 करोड़ के लिए तैयार नहीं थे। वे 12 करोड़ रुपए मांग रहे थे। जया ने यह भी कहा कि जब वे मार्च 2020 में सुशांत से मिली थीं तब वे ठीक नहीं थे।
जया को डिप्रेशन के बारे में बता चुके थे
जया ने अपने बयान में यह भी कहा जब भी वह सुशांत से मिलती थी, तो वह अक्सर चलना शुरू कर देता था और बेडरूम के अंदर चला जाता था और फिर वापस आ जाता था। सुशांत इसे कई बार दोहराते थे। जया ने आगे कहा कि सुशांत सिंह राजपूत ने उन्हें दिसंबर में अपने डिप्रेशन के बारे में बताया था।
दिशा के साथ काम कर चुकीं हैं जया
इनके अलावा जया ने यह भी बताया कि वे मार्च से मई 2020 के बीच दिशा सालियान के साथ भी काम कर चुकीं थीं। यह काम बंटी सजदेह की कॉर्नर स्टोन टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी के जरिए किया था। जया ने 2018 से 2019 के बीच एक साल तक दिशा के साथ क्वॉन के लिए काम किया था। जया ने यह भी बताया कि क्वॉन में काम करने के दौरान दिशा सुशांत से नहीं मिली थीं। जया ने यह भी बताया कि वे ही सुशांत के सारे प्रोजेक्ट्स देखती थीं।
कबीर खान की 'द फॉरगॉटन आर्मी' से करियर का आगाज करने वाली एक्ट्रेस शरवरी वाघ अब ‘बंटी और बबली 2’ में नजर आएंगी। जो कि यशराज फिल्म्स बैनर की फिल्म है। खबरें हैं कि यशराज ने शरवरी के साथ तीन फिल्मों की डील की है।
इस बारे में एक भरोसेमंद सूत्र ने बताते हुए कहा कि, 'YRF ने अपनी तीन फिल्मों के लिए शरवरी को साइन किया है। 'बंटी और बबली-2' में उनके काम से आदित्य चोपड़ा काफी खुश हैं, और उन्हें लगता है कि इंडस्ट्री को उनका हुनर जरूर देखना चाहिए। आदि को लगा है कि शरवरी फिल्म इंडस्ट्री की टॉकिंग पॉइंट एक्ट्रेस बन सकती हैं।'
आदित्य चोपड़ा ने की सालभर तक ग्रूमिंग
'शरवरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए आउटसाइडर हैं, जिन्हें यशराज फिल्म्स की ओर से बॉलीवुड में लॉन्च किया जा रहा है।' सूत्र ने यह भी बताया कि 'बंटी और बबली-2' में कैमरे का सामना करने से पहले आदित्य चोपड़ा ने एक साल उनकी ग्रूमिंग की।'
एक्शन हीरो के रूप में पहचान बनाने के बाद टाइगर श्रॉफ अब सिंगिंग में भी अपने हाथ आजमा रहे हैं। बिग बैंग म्यूजिक के साथ मिलकर हाल ही में उन्होंने अपना पहला गाना 'अनबिलिवेबल' रिलीज किया है। जिसका म्यूजिक वीडियो भी सामने आ चुका है और इसका निर्देशन लंबे समय से उनके साथी रहे पुनीत मल्होत्रा ने किया है।
गाने और संगीत को लेकर अपने विचारों के बारे में टाइगर ने कहा 'मैं हमेशा से खुद की धुन पर गाना और डांस करना चाहता था और मुझे आखिरकार ऐसा करने का मौका मिल ही गया। मैं इस सफर को शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हूं- सीखने और एक्सप्लोर करने के लिए बहुत कुछ है।'
लॉकडाउन में वोकल पर काम किया
लॉकडाउन के दौरान नई-नई चीजों की कोशिश करने वाले अन्य लोगों की तरह ही टाइगर ने इस समय का उपयोग स्टूडियो में अपने वोकल पर कड़ी मेहनत करते हुए और एक म्यूजिक वीडियो की शूटिंग करते हुए बिताया। इस वीडियो के जरिए अभिनेता ने अपने प्रशंसकों को ऑडियो-विजुअल का नया अनुभव दिया है।
कई महीनों तक की इस गाने की तैयारी
पिछले हफ्ते, उन्होंने इस गाने का एक इंट्रोडक्शन भी रिलीज किया था, जिसमें अभिनेता ने बताया था कि बड़े होने के दौरान वो कैसे माइकल जैक्सन से प्रभावित थे और कैसे इस चीज ने उनकी संवेदनाओं को आकार दिया। इस गाने की तैयारी के लिए टाइगर ने बिग बैंग म्यूजिक की टीम के साथ स्टूडियो में काम करते हुए न्यूयॉर्क स्थित जोड़ी डीजी-मायने और मुंबई स्थित अवितेश श्रीवास्तव के साथ भी कई महीने बिताए और एक ऐसी धुन की तलाश की जिस पर उन्हें वास्तव में गर्व है।
टाइगर का जुनून देखकर तैयार हुए
बिग बैंग म्यूजिक के गौरव वाधवा ने इस बारे में बताते हुए कहा, 'बिग बैंग म्यूजिक में हम कलाकारों की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का समर्थन करते हैं। उनकी दृष्टि को आकार देने में मदद करते हैं। हमें लगा कि यह दिखाने के लिए एक आदर्श गीत है कि वो (टाइगर) एक अनबिलिवेबल व्यक्ति है। उनका काम और संगीत के प्रति जुनून हमें यहां ले आया।'
सिंगिंग इमारत से कूदने से भी कठिन
टाइगर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी इस गाने को शेयर किया। जिसके साथ उन्होंने लिखा, 'मुझे लगता था कि एक इमारत से दूसरी पर कूदना ही मुश्किल है, लेकिन ये (सिंगिंग) तो मुझे अब तक का सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण लेकिन संतुष्टि देने वाला अनुभव लगा। दुनियाभर के सभी संगीतकारों का बहुत ज्यादा सम्मान, अभी काफी कुछ सीखना है... तब तक के लिए हमारी ओर से प्रस्तुत हमारा विनम्र प्रयास। # YouAreUnbelievable।
अभिनेता ऋतिक रोशन ने हाल ही में 20 साल के भारतीय बैले डांसर कमल सिंह का सपना पूरा करने में उसकी मदद की है। ऋतिक को जब पता चला कि पैसों की कमी की वजह से कमल इंग्लैंड स्थित बैले स्कूल नहीं जा पा रहा है। तो उसके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने उसकी मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया।
कमल सिंह दिल्ली के विकासपुरी में रहने वाले एक ई-रिक्शा चालक का बेटा है। और वो लंदन के प्रतिष्ठित 'इंग्लिश नेशनल बैले स्कूल' में प्रवेश पाने वाला पहला भारतीय डांसर भी है। पैसों की कमी के कारण वो अपने सपने को पूरा करने और उसे वास्तविकता में बदलने में असमर्थ था। जिसके बाद ऋतिक ने उसकी मदद की।
कमल के शिक्षक फर्नांडो गुइलेरा ने अपने इंस्टाग्राम पर ऋतिक को उनके दान के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने अभिनेता की भेजी मदद का एक स्नैपशॉट शेयर करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
ऋतिक आर्ट एंड कल्चर वालों को सपोर्ट करते रहे हैं। इस साल की शुरुआत में, अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर नर्तक युवराज सिंह के लिए प्रशंसा और प्रेरणा के संदेशों की बौछार की थी और उन्हें 'स्मूदेस्ट एयरवॉकर' का नाम दिया था।
अपकमिंग फिल्म 'खाली पीली' के जरिए अनन्या पांडे ने एक्शन की फील्ड में भी कदम रख रही हैं। 'खाली पीली' के एक्शन डायरेक्टर परवेज शेख ने खुलासा करते हुए बताया है कि अनन्या ने बॉडी डबल का उपयोग किए बिना कैमरे पर एक्शन परफॉर्मेंस दी है।
परवेज ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, 'जब हमने इसे बनाने का फैसला किया था, तब 'खाली पीली' एक एक्शन फिल्म नहीं थी लेकिन जैसे-जैसे हम शूटिंग के साथ आगे बढ़ते गए, हमने कुछ एक्शन सीक्वेंस करने का फैसला किया।'
सोचा था अनन्या नहीं कर पाएगी
अनन्या की परफॉर्मेंस के बारे में परवेज ने कहा, 'अनन्या का एक विशेष एक्शन सीन था, मैंने सोचा था कि वो ये नहीं कर पाएगी, क्योंकि यह दृश्य एक फ्री रन के साथ शुरू होता है। उसके बाद सिंगल शॉट में गुंडों पर कूदना होता है। यदि यह गलत हो जाता, तो कंधे के टूटने या गर्दन में फ्रैक्चर होने की बहुत अधिक आशंका थी, लेकिन उन्होंने अप्रत्याशित रूप से एक्शन करके सभी को चौंका दिया। उसकी झलक ट्रेलर में देखी जा सकती है।'
'खाली पीली' के एक्शन डायरेक्टर परवेज शेख।
खुद ही किया इंटेंस सीन
आगे उन्होंने बताया 'क्लाइमेक्स में एक अन्य एक्शन सीक्वेंस है। जिसे एक हार्नेस की मदद से किया जाना था और अनन्या ने एक बार फिर से एक्शन किया और पूरी यूनिट ने उनके लिए ताली बजाई, क्योंकि यह एक इंटेंस सीन था। वहां उन्हें उड़ना था और कार पर खुद को ढकेलना था और यह भी सुनिश्चित करना था कि कार का कांच टूटकर नीचे गिरना चाहिए। आमतौर पर, बॉडी डबल द्वारा यह किया जाता है लेकिन अनन्या ने इसे अपने ऊपर लिया और यह सीन किया।'
अनन्या इन दिनों दीपिका पादुकोण और सिद्धान्त चतुर्वेदी के साथ शकुन बत्रा की आगामी फिल्म के लिए गोवा में शूटिंग कर रही हैं और इसके बाद वे विजय देवरकोंडा के साथ 'फाइटर' नामक अपने पहले पैन-इंडिया प्रोजेक्ट पर काम करेंगी।
एक्ट्रेस पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर #MeeToo के संगीन आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर अरेस्ट अनुराग कैंपेन भी चलाया जा रहा है। अनुराग के साथ कणिका ढिल्लन और तापसी पन्नू की इन्फॉर्मल फोटोज भी वायरल हो रही है। जिसमें अनुराग उनकी गोद में बैठे नजर आ रहे हैं। ये फोटो फिल्म 'मनमर्जियां' के वक्त की है, जिसकी राइटर कणिका ही थीं। अनुराग पर लगे आरोपों से जुड़े कई सवालों के जवाब कणिका ने दिए।
- मीटू कैंपेन इतना लंबा चलता रहा, तब अनुराग पर संगीन आरोप नहीं लगे। अब लग रहे हैं। क्या कहना चाहेंगी?
कणिका- 'सभी पक्षों और मीटू के संदर्भ में देखा जाए तो यह मूवमेंट मर्दों के लिए भी है। इस अभियान का सही मतलब यह नहीं है कि आप 'विच हंट' में चली जाएं। सिर्फ आरोपों के बेसिस पर किसी को अरेस्ट करने की बात चल पड़े, तो वो ना तो मूवमेंट के लिए और ना ही सभ्य समाज के लिए सही है।'
आगे उन्होंने कहा, 'किसी को उसके किए की सजा मिलनी चाहिए, ना कि किसी के कहे पर सजा मुकर्रर कर देनी चाहिए। किसी के कहे पर किसी को अरेस्ट कर जेल में डालना सही नहीं होगा। जो आरोप लगे हैं, उन पर ड्यू इनवेस्टिगेशन बनती है। उसके बाद अरेस्ट करने की प्रक्रिया होनी चाहिए। यह औरत और मर्द दोनों के लिए है।'
- अनुराग चूंकि एंटी इस्टेबलिशमेंट रहे हैं, कहीं उसके चलते भी तो उन्हें इस तरह के आरोपों के घेरे में लिया जा रहा है?
कणिका-'मैं अनुमान व्यक्त नहीं करना चाहूंगी। बड़ा बेसिक स्टैंड लेते हुए कहना चाहूंगी कि सिर्फ आरोपों के बेसिस पर मीडिया या सोशल मीडिया आपको गुनहगार बोल दे या दोषी करार दे, उससे पहले जांच होनी चाहिए।'
अनुराग की फिल्म 'मनमर्जियां' की राइटर और डायलॉग राइटर कणिका ही थीं।
- तापसी और आपके साथ अनुराग की जो फोटोज वायरल हो रही हैं, उन पर क्या कहना चाहेंगी?
कणिका-'हम अनुराग के साथ काम कर चुके हैं। सबका एक कंफर्ट जोन होता है। ऐसे में कोई उन फोटोज पर कैसे जजमेंट दे सकता है, कि फलाने ने ढिमकाने पर ऐसे हाथ कैसे रखा है। दो लोगों ने तस्वीर खिंचवाई है। दोनों कंफर्टेबल हैं, तब वह तस्वीर आई है। मुझे समझ ही नहीं आ रहा, इसमें क्या एंगल है। जब लोग लॉजिक भूल जाते हैं तो इस तरह की चीजों को वायरल किया जाता रहा है।'
- अनुराग आप के साथ किस तरह से पेश आते रहे हैं। वो खाका हम देना चाहते हैं?
कणिका-'मैं बाकी लोगों के अनुभवों को बयान नहीं कर सकती। अपनी बात करूं तो अनुराग के साथ मेरा अनुभव बहुत ही कंफर्टेबल और अच्छा रहा। मैंने कभी भी अनुराग के साथ अनकम्फर्टेबल फील नहीं किया। बहुत ही अच्छा प्रोफेशनल रिलेशन रहा हमारा।'
- ये विच हंट कितना दुर्भाग्यपूर्ण है?
कणिका-'जैसा मैंने कहा, ‘मीटू’ सिर्फ औरतों के लिए नहीं है, दोनों लपेटे में आते हैं। साथ ही अगर बतौर समाज हमने तय कर लिया कि बिना तथ्यों और जांच के किसी को दोषी करार दे दें और आरोप लगाने लगें तो कोई नहीं बचेगा। इसकी निंदा करनी चाहिए।'
एंड पिक्चर्स भी अब ओरिजिनल सिनेमा प्रोड्यूस करने की फील्ड में आ चुका है। इसके तहत उनकी पहली सायकोलॉजिकल फिल्म ‘फुट फेरी’ आ रही है। इसके जरिए ‘चक दे इंडिया’ फेम सागरिका घाटगे की वापसी हो रही है और उनके अपोजिट गुलशन देवैया नजर आएंगे।
यह फिल्म न तो सिनेमाघरों और न डिजिटल, बल्कि सीधे सैटेलाइट यानी टीवी पर रिलीज हो रही है। फिल्म का प्लॉट सीबीआई अफसर और अंधविश्वासी सीरियल किलर के बीच ‘कैट एंड माउस चेस’ पर बेस्ड है। गुलशन इसमें सीबीआई अफसर के रोल में हैं।
फिल्म के बारे में बात करते हुए सागरिका घाटगे ने बताया, 'साइक्लॉजिकल थ्रिलर्स ने मुझे हमेशा अपने इमर्सिव एक्सपीरियंस के कारण अट्रेक्ट किया। यह आपका इंट्रेस्ट बनाए रखता है। साथ ही आपकी जिज्ञासा को जगाता है कि अब क्या होगा। आप मन ही मन अपने अंदर इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं जो आपको इस तरह की कहानी से जोड़ता है और इसका हिस्सा बनाता है।
गुलशन देवैया ने बात करते हुए बताया, 'हमने अपनी भूमिकाओं की तैयारी में दो महीने का वक्त दिया। ताकि अपने किरदारों में उतर सकें। मैं सीबीआई अफसर के रोल में हूं। डायरेक्ट टीवी रिलीज और सीबीआई को लेकर मौजूदा हालातों के चलते हम ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सकेंगे।'