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Saturday, November 14, 2020

पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग के चलते लोग घरों में कैद; खुशियों की जगह घरों में मातम

दीप पर्व दिवाली पर भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। लगातार पाकिस्तानी सेना LOC पर सीज फायर का उल्लंघन कर रही है। भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब दे रहे। इन सब के बीच सरहद से सटे गांवों में हजारों लोग कैद होने के लिए मजबूर हो गए हैं। कई नागरिकों की मौत के बाद गांवों में मातम पसर गया है। यही कारण है कि इस बार गांव के लोग दिवाली भी नहीं मना पाएंगे।

पिछले 7 दिनों से पाकिस्तान ने माहौल खराब किया
जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के साथ लगती 720 किलोमीटर लम्बी नियंत्रण रेखा (LOC)है। जो जम्मू के अखनूर सेक्टर से लद्दाख के कारगिल सेक्टर तक है। यहां जम्मू के पुंछ और राजौरी जिले, कश्मीर का उड़ी सेक्टर और बारामुल्ला जिले पर पाकिस्तान की तरफ से हमेशा गोलीबारी होती रहती है। कोरोना काल में पाकिस्तान की तरफ से होने वाले सीज फायर की उल्लंघन में कुछ कमी जरूर आई थी, लेकिन पिछले 7 दिनों से यह एक बार फिर से बढ़ गई है। इस बीच 12 से 15 बार पाकिस्तान ने सीज फायर का उल्लंघन किया है।

दिवाली पर मिठाइयां दी जाती थीं, आज गोलियां बरसाई जा रहीं
लंबे समय से यह परंपरा रही है कि दिवाली पर LOC पर तैनात भारतीय जवान पाकिस्तानी सेना को मिठाइयां देते थे। लेकिन अब दोनों तरफ से गोलियां बरसाई जा रहीं हैं। उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सेना के जवान शहीद हुए हैं। वहीं, जम्मू के पुंछ के सौजियां इलाके में करीब 9 महीने बाद गोलीबारी हुई। इसमें 6 स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी हैं।

दीवाली की खरीददारी कर रहे थे और शुरू हो गई गोलीबारी
शुक्रवार को लोग दीवाली की खरीददारी कर रहे थे। इसी बीच, पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। पाकिस्तान ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। उड़ी सेक्टर के रहने वाले गुलाम अहमद का घर LOC पर ही है। कहते हैं हर बार पाकिस्तान यहां आम नागरिकों को निशाना बनाता है। अगर उसे लड़ाई करनी है तो सेना से करे। आम लोगों को क्यों निशाना बना रहा है?

हालात खराब है, लोग डरे हुए हैं
पुंछ के राम कुमार दत्ता कहते हैं। कोरोना के दौरान कुछ आराम था। मार्च के बाद से गोलीबारी रुकी हुई थी। अब फिर से शुरू हो गई है। यहां हालात काफी खराब है। पाकिस्तान हमेशा आतंकी घुसपैठ करवाने के लिए गोलीबारी करता है। लेकिन दिवाली पर ऐसी गोलीबारी पहली बार हुयी है। वहीं, सौजियां के ही मोहम्मद इस्माइल का कहना है कि हालत तो खराब है ही, यहां सुविधाएं भी कम हैं। लोगों को ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं है।



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फोटो उड़ी सेक्टर की है। यहां एक गांव में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में स्थानीय लोगों का घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।


from Dainik Bhaskar /national/news/thousands-of-people-were-imprisoned-in-the-houses-due-to-the-cease-fire-in-jammu-kashmir-weeds-in-peoples-homes-diwali-will-not-stop-127914457.html

शक्तिरूपी कामाक्षी दर्शन; मां की एक आंख में लक्ष्मी और दूसरी में सरस्वती का वास

मंदिरों के शहर कांचीपुरम में श्री कांची कामाक्षी अम्मन मंदिर में दीपावली उत्सव बहुत खास है। रोशनी, शंखनाद, फूलों की महक, नादस्वरम जैसे दक्षिण भारतीय साजों के स्वर के बीच मंत्रोंच्चारण का माहौल देवलोक सा अहसास करवा रहा है। यह इकलौती ऐसी शक्तिपीठ है, जिसमें कामाक्षी मां की एक आंख में लक्ष्मी और दूसरी में सरस्वती का वास है। एक प्रतिमा की पूजा लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में की जाती है।

आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्रीचक्रम सिर्फ यहीं हैं। मंदिर के प्रमुख श्रीकार्यम शास्त्री चेल्ला विश्वनाथ बताते हैं कि अयोध्या के राजा दशरथ महर्षि वशिष्ठ के कहने पर संतान प्राप्ति के लिए मां कामाक्षी की पूजा करने आए थे। यहां के 24 खंभों में से एक की पूजा के समय उन्हें मां की आवाज सुनाई दी कि एक वर्ष के भीतर उन्हें संतान प्राप्ति होगी। इस खंभे को संतान स्तंभ के तौर पर आज भी पूजा जाता है।

यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां मां लक्ष्मी की पूजा सिंदूर लगाकर की जाती है।

मां लक्ष्मी की सिंदूर से पूजा करने की कहानी

यहां मां लक्ष्मी की पूजा सिंदूर लगाकर करने के पीछे मान्यता है कि किसी विवाद के चलते विष्णु ने लक्ष्मी को कुरूप होने का श्राप दिया था। मां कामाक्षी की पूजा कर उन्होंने श्राप से मुक्ति पाई थी। उसी समय मां कामाक्षी ने कहा था कि वह यहां लक्ष्मी के साथ विराजेंगी। उन्हें चढ़ने वाले प्रसाद से लक्ष्मी की भी पूजा होगी, लेकिन लक्ष्मी को यहां आने वालों की मनोकामना पूरी करनी होगी। कामाक्षी को प्रसाद में सिंदूर चढ़ता है जो लक्ष्मी को चरणों से शीश तक लगाया जाता है।

माता-पिता की मौत के सालभर तक यहां नहीं आ सकते

दीपावली पर यहां की परंपरा अन्य लक्ष्मी मंदिरों से अलग है। परंपरा के मुताबिक अगर किसी के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मौत हो जाए तो वो सालभर मां कामाक्षी के दर्शन करने नहीं आ सकता है। इसीलिए, दीपावली पर उत्सव कामाक्षी की पालकी गली-गली में परिक्रमा करती है। उनके दर्शन के लिए लोग घर के बाहर खड़े रहते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी बताते हैं कि मां के पास 1000 करोड़ रुपए से अधिक के बेशकीमती गहने हैं। शृंगार में इस्तेमाल होने वाली मालाएं भी केसर, बादाम, काजू, कमल, चमेली, ऑर्किड, गुलाब से बनी होती हैं। 15-20 किलो की ये मालाएं 5 लाख रुपए में तैयार होती हैं।

मां कामाक्षी का शृंगार जब सरस्वती रूप में किया जाता है तो उन्हें श्वेत फूलों से सजाया जाता है। हाथों में वीणा भी दी जाती है। वाद्य यंत्रों से मां की स्तुति की जाती है।

20 किलो सोने से बने रथ पर मंदिर भ्रमण करती हैं मां

यहां मंदिर का वैभव देखते ही बनता है। मंदिर का मुख्य गुंबद 76 किलो सोने से बना है, जबकि नवरात्रि व कई अन्य अवसरों पर जिस रथ पर मां कामाक्षी सवार होती हैं वह 20 किलो सोने से बनाया गया है। हर साल मंदिर में भक्त 50 करोड़ रुपए का चढ़ावा चढ़ाते हैं। एक दिन में करीब दस हजार श्रद्धालु आते हैं। कामाक्षी का यह रूप आठ साल की कन्या का रूप है। अविवाहित पंडित मां की मूर्ति को नहीं छू सकते हैं। यहां केवल विश्वामित्र और भारद्वाज गोत्र के पंडितों को ही पूजा करने की आज्ञा है। इन्हीं के वंशज वर्षों से यहां पूजा करते आए हैं। यहां पूजा महर्षि दुर्वासा के लिखे ग्रंथ सौभाग्य चिंतामणि के अनुसार होती है।

गर्भगृह में पद्मासन में स्थापित मां कामाक्षी के सामने आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्रीचक्रम है।

कामाक्षी मंदिर के गर्भगृह में ही है आदि शंकराचार्य का स्थापित किया श्रीचक्रम

मां कामाक्षी की मूल प्रतिमा के सामने श्रीचक्रम है, जिसे आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया था। यह पूजा अर्चना की तांत्रिक विधि है। शास्त्री रामानंद के अनुसार इसे देवी के घर का ब्लूप्रिंट कहा जा सकता है। श्रीचक्रम में नीचे की ओर मुंह वाले पांच त्रिकोण हैं और चार ऊपर की ओर मुंह वाले त्रिकोण हैं। इसमें 44 कोने हैं। इसमें फूलों की पत्तियां बनी हैं और नौ स्तर है। बिंदु में कामाक्षी विराजमान हैं। इसे देवी का सूक्ष्म शरीर कहा जाता है। इसकी पूजा श्रद्धालुओं के सामने नहीं होती। नवरात्र, ब्रह्मोत्सव और पूर्णिमा को होने वाली नव आवरण पूजा में सिर्फ शास्त्री ही होते हैं।

इस विग्रह (मूर्ति) की कभी कोई तस्वीर नहीं खींची गई है। मुख्य पुजारी के अनुसार इसकी एक ही पेंटिंग है। बाजार या इंटरनेट पर मौजूद फोटो व पेंटिंग्स गर्भगृह विग्रह के नहीं हैं। पहली बार मंदिर प्रबंधन ने इस पेंटिंग के प्रकाशन की अनुमति दी है। यहां दिए अन्य फोटो उत्सव कामाक्षी के हैं। शृंगार व भ्रमण इन्हीं के होते हैं।

मंदिर में मां कामाक्षी की पूजा लक्ष्मी रूप में की जाती है, तो उनका मोहिनी शृंगार किया जाता है। इसमें मयूर पंखों से झांकी सजाई जाती है। शृंगार में आभूषण पदों से उनकी मुद्रा भी बदली जाती है।

दीपावली पर उत्सव कामाक्षी की पालकी गली-गली में परिक्रमा करती है। उनके दर्शन के लिए लोग घर के बाहर खड़े रहते हैं।
मंदिर का मुख्य गुंबद 76 किलो सोने से बना है, जबकि नवरात्रि व कई अन्य अवसरों पर जिस रथ पर कामाक्षी सवार होती हैं वह 20 किलो सोने से बनाया गया है।
दीपावली पर पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप में सजाया जाता है। लाइटों की जगमगाहट देखते ही बनती है।
शृंगार में इस्तेमाल होने वाली मालाओं का वजन 15-20 किलो होता है, ये मालाएं 5 लाख रुपए में तैयार होती हैं।
मां के शृंगार में इस्तेमाल होने वाली मालाएं केसर, बादाम, काजू, कमल, चमेली, ऑर्किड, गुलाब से बनी होती हैं।


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तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित मां कामाक्षी मंदिर ऐसा शक्तिपीठ है जहां शक्तिरूप में मां कामाक्षी के विग्रह को ही लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में पूजा जाता है। (फोटो-संदीप नाग)


from Dainik Bhaskar /national/news/kamakshi-darshan-of-shaktarupi-laxmi-in-one-eye-of-mother-and-saraswati-in-other-127914456.html

आज हैप्पी दिवाली; बिहार में जल्द बनेगी सरकार नई वाली और रामलला के घर में दीपोत्सव

नमस्कार!

इस बार दिवाली भले ही कोरोनाकाल के बीच आई है, मगर इसमें भी कुछ खास है। भगवान राम के स्वागत के लिए अयोध्या सज गई है। दीपोत्सव शुरू हो चुका है। सरयू के 24 घाट छह लाख दीयों से रोशन हैं। चलिए, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ।

सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…

  • BSE का मार्केट कैप 168 लाख करोड़ रुपए रहा। BSE पर करीब 55% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • 2,856 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,599 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,063 कंपनियों के शेयर गिरे।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • आज दीपावली है। घर में पूजा के लिए शाम 5:39 से 7:19 और रात 8:59 से 12:19 बजे तक का मुहूर्त है। दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री और बैंकों में पूजा करनी हो तो दोपहर 1:24 से शाम 4:04 और रात 11:59 से 12:23 तक का मुहूर्त है।
  • दिवाली होने के कारण दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन से आखिरी मेट्रो रात 10 बजे चलेगी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दिवाली जैसलमेर में जवानों के साथ मना सकते हैं। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई है।

LOC पर बारामूला में BSF जवान शहीद
पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार सुबह LOC पर सीजफायर तोड़ दिया। जम्मू-कश्मीर के बारामूला सेक्टर में BSF के सब-इंस्पेक्टर राकेश डोभाल समेत 5 जवान शहीद हो गए। 3 नागरिक भी मारे गए। जवाबी कार्रवाई में 11 पाकिस्तानी सैनिक ढेर हो गए। पाकिस्तान के बंकर और लॉन्च पैड भी सेना ने तबाह कर दिए।

बाइडेन के होम स्टेट से ग्राउंड रिपोर्ट
अमेरिका में प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन डेलावेयर स्टेट से हैं। इसे अमेरिका में स्माल वंडर भी कहा जाता है। आबादी करीब 10 लाख और राजधानी डोवर है। सबसे बड़ा शहर विल्मिंगटन है। स्टेट का 85% शराब कारोबार गुजरातियों के पास है। बाइडेन दीपावली मनाते हैं और गरबा भी करते हैं।

नवाज की बेटी के इमरान पर गंभीर आरोप
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने इमरान खान सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। मरियम ने कहा- जब मैं जेल में थी तो वहां के प्रशासन ने मेरी बैरक के बाथरूम में भी कैमरे लगवा दिए थे। मरियम पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज की वाइस प्रेसिडेंट और सांसद हैं।

एमपी में 20 नवंबर से 9वीं से 12वीं की रेगुलर क्लास
मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते आठ महीने से बंद स्कूल 20 नवंबर से खोलने की तैयारी है। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक, 9वीं से 12वीं तक की क्लास 20 या 25 नवंबर से शुरू की जा सकती हैं। कक्षा 6 से 8 तक की क्लास 1 दिसंबर से शुरू करने की बात कही गई है।

डीबी ओरिजिनल
दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्केट से रिपोर्ट

त्योहारों की दस्तक होते ही सरोजिनी नगर मार्केट फिर से गुलजार होने लगा है। दिल्ली के सबसे चर्चित बाजारों में शामिल इस मार्केट में रौनक लौट आई है। लॉकडाउन की पाबंदियों और कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते महीनों तक ये बाजार वीरान रहा, लेकिन दिवाली का त्योहार व्यापारियों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है। हालांकि, बीते सालों की तुलना में इस बार सरोजिनी नगर में भीड़ कुछ कम है।
पढ़ें पूरी खबर...

भास्कर एक्सप्लेनर
आदिवासी हिंदू हैं या सरना?

झारखंड विधानसभा ने हंगामेदार चर्चा के बाद 11 नवंबर को सरना आदिवासी धर्म कोड पर प्रस्ताव पारित कर दिया। अब यह प्रस्ताव केंद्र को जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही जनगणना 2021 में आदिवासियों को नई धार्मिक पहचान मिल सकेगी। देशभर में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आदिवासी हिंदू नहीं हैं? फिर उनके लिए अलग धर्म की आवश्यकता क्यों पड़ी?
पढ़ें पूरी खबर...

सुर्खियों में और क्या है...

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने मेमोयर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी नर्वस बताया, जबकि डॉ. मनमोहन सिंह को शांत और ईमानदार बताया।
  • मप्र के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'खूब पटाखे चलाओ, कोई समय तय नहीं है।' जबकि, भोपाल कलेक्टर लवानिया ने केवल 2 घंटे पटाखे चलाने की छूट दी थी।
  • दुनिया में वैक्सीन बनाने वाली सबसे बड़ी दवा कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दिसंबर तक कोवीशील्ड वैक्सीन के 10 करोड़ डोज तैयार कर लेगी।
  • अमेरिका में लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड कोरोना संक्रमित मिले। बुधवार को 1.35 लाख जबकि गुरुवार को एक लाख 40 हजार मामले सामने आए।


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today is Happy Diwali; Government will soon form new festival in Bihar and Deepalotsav in Ramlala's house


from Dainik Bhaskar /national/news/today-is-happy-diwali-government-will-soon-form-new-festival-in-bihar-and-deepalotsav-in-ramlalas-house-127914454.html

यहां मां कामाक्षी 8 वर्ष की कन्या के रूप में विराजित, आज दीपावली पर घर-घर जाकर भक्तों को दर्शन देंगी

मंदिरों के शहर कांचीपुरम में श्री कांची कामाक्षी अम्मन मंदिर में दीपावली उत्सव बहुत खास है। रोशनी, शंखनाद, फूलों की महक, नादस्वरम जैसे दक्षिण भारतीय साजों के स्वर के बीच मंत्रों का उच्चारण का माहौल देवलोक सा अहसास करवा रहा है। यह एकमात्र ऐसी शक्तिपीठ है जिसमें कामाक्षी मां की एक आंख में लक्ष्मी और दूसरी में सरस्वती का वास है।

एक प्रतिमा की पूजा लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में की जाती है। आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्रीचक्रम सिर्फ यहीं हैं। मंदिर के प्रमुख श्रीकार्यम शास्त्री चेल्ला विश्वनाथ बताते हैं कि अयोध्या के राजा दशरथ महर्षि वशिष्ठ के कहने पर संतान प्राप्ति के लिए कामाक्षी की पूजा करने आए थे। यहां के 24 खंभों में से एक की पूजा के समय उन्हें मां की आवाज सुनाई दी कि एक वर्ष के भीतर उन्हें संतान प्राप्ति होगी। इस खंभे को संतान स्तंभ के तौर पर आज भी पूजा जाता है।

दीपावली पर यहां की परंपरा अन्य लक्ष्मी मंदिरों से अलग है। परंपरा के मुताबिक अगर किसी के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मौत हो जाए तो वो सालभर मां कामाक्षी के दर्शन करने नहीं आ सकता है। इसलिए दीपावली पर उत्सव कामाक्षी की पालकी गली-गली में परिक्रमा करती है। उनके दर्शन के लिए लोग घर के बाहर खड़े रहते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी बताते हैं कि मां के पास 1000 करोड़ रुपए से अधिक के बेशकीमती गहने हैं। शृंगार में इस्तेमाल होने वाली मालाएं भी केसर, बादाम, काजू, कमल, चमेली, ऑर्किड, गुलाब से बनी होती हैं। 15-20 किलो की ये मालाएं 5 लाख रुपए में तैयार होती हैं।
यहां मंदिर का वैभव देखते ही बनता है।

मंदिर का मुख्य गुंबद 76 किलो सोने से बना है, जबकि नवरात्रि व कई अन्य अवसरों पर जिस रथ पर कामाक्षी सवार होती हैं वह 20 किलो सोने से बनाया गया है। हर साल मंदिर में भक्त 50 करोड़ रुपए का चढ़ावा चढ़ाते हैं। एक दिन में करीब दस हजार श्रद्धालु आते हैं। कामाक्षी का यह रूप आठ साल की कन्या का रूप है। अविवाहित पंडित मां की मूर्ति को नहीं छू सकते हैं। यहां केवल विश्वामित्र और भारद्वाज गोत्र के पंडितों को ही पूजा करने की आज्ञा है। इन्हीं के वंशज वर्षों से यहां पूजा करते आए हैं। यहां पूजा महर्षि दुर्वासा के लिखे ग्रंथ सौभाग्यचिंतामणि के अनुसार होती है।

सिंदूर लगाकर होती है लक्ष्मी रूप की पूजा

यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां मां लक्ष्मी की पूजा सिंदूर लगाकर की जाती है। इसके पीछे मान्यता है कि किसी विवाद के चलते विष्णु ने लक्ष्मी को कुरूप होने का श्राप दिया था। मां कामाक्षी की पूजा कर उन्होंने श्राप से मुक्ति पाई थी। उसी समय मां कामाक्षी ने कहा था कि वह यहां लक्ष्मी के साथ विराजेंगी। उन्हें चढ़ने वाले प्रसाद से लक्ष्मी की भी पूजा होगी, मगर लक्ष्मी को यहां आने वालों की मनोकामना पूरी करनी होगी। कामाक्षी को प्रसाद में सिंदूर चढ़ता है जो लक्ष्मी को चरणों से शीश तक लगाया जाता है।

कामाक्षी मंदिर के गर्भगृह में ही है आदि शंकराचार्य का स्थापित किया श्रीचक्रम

मां कामाक्षी की मूल प्रतिमा के सामने श्रीचक्रम है, जिसे आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया था। यह पूजा अर्चना की तांत्रिक विधि है। शास्त्री रामानंद के अनुसार इसे देवी के घर का ब्लूप्रिंट कहा जा सकता है। श्रीचक्रम में नीचे की ओर मुंह वाले पांच त्रिकोण हैं और चार ऊपर की ओर मुंह वाले त्रिकोण हैं। इसमें 44 कोने हैं। इसमें फूलों की पत्तियां बनी हैं और नौ स्तर है। बिंदु में कामाक्षी विराजमान हैं। इसे देवी का सूक्ष्म शरीर कहा जाता है। इसकी पूजा श्रद्धालुओं के सामने नहीं होती। नवरात्र, ब्रह्मोत्सव और पूर्णिमा को होने वाली नवआवरण पूजा में सिर्फ शास्त्री ही होते हैं।



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5 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में स्वर्णमंडित मुख्य गुंबद दूर से दमकता है।


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Friday, November 13, 2020

एंडोरा के खिलाफ क्रिस्टियानो ने दागा 102वां इंटरनेशनल गोल, पिछले 50 मैच में दागे 50 गोल

पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो इंटरनेशनल गोल्स के वर्ल्ड रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं। एंडोरा के खिलाफ बुधवार को खेले गए फ्रेंडली मैच में रोनाल्डो ने अपना 102वां इंटरनेशनल गोल दागा। वह ईरान के पूर्व स्ट्राइकर अली डेई के रिकॉर्ड 109 इंटरनेशनल गोल्स से सिर्फ 7 गोल पीछे हैं।

सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल करने वाले टॉप-10 प्लेयर्स

प्लेयर देश इंटरनेशनल गोल मैच करियर
अली डेई ईरान 109 149 1993-2006
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पुर्तगाल 102 168 2003-
फेरेन पुस्कस हंगरी 84 85 1945-1956
गॉडफ्रे चितालू जाम्बिया 79 111 1968-1980
हुसैन सईद इराक 78 137 1977-1990
पेले ब्राजील 77 92 1957-1971
सांदोर कोसिच हंगरी 75 68 1948-1956
कुनिशिगे कामामोतो जापान 75 76 1964-1977
बशर अब्दुल्ला कुवैत 75 134 1996-2007
सुनील छेत्री भारत 72 115 2005-

2003-2014 तक रोनाल्डो ने 118 मैचों में 52 गोल दागे

साल कितने मैच खेले गोल
2003 2 0
2004 16 7
2005 11 2
2006 14 6
2007 10 5
2008 8 1
2009 7 1
2010 11 3
2011 8 7
2012 13 5
2013 9 10
2014 9 5
कुल मैच खेले- 118

कुल गोल किए- 52

35 साल के रोनाल्डो ने अपने 17 साल के करियर में अब तक 168 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। लेकिन उम्र के साथ कमजोर होने की जगह, उनके गोल करने का रेट और बढ़ गया है। अपने इंटरनेशनल करियर के शुरुआती 11 सालों (2003-2014) में रोनाल्डो ने 118 मैच खेले। इसमें उन्होंने 52 गोल दागे। जबकि 2015 से लेकर अब तक उन्होंने 50 मैच खेले 50 गोल दागे हैं। 2015 से लेकर अभी तक औसतन वे हर मैच में 1 गोल दाग रहे हैं।

2003-2014 तक रोनाल्डो ने 118 मैचों में 52 गोल दागे

साल कितने मैच खेले गोल
2003 2 0
2004 16 7
2005 11 2
2006 14 6
2007 10 5
2008 8 1
2009 7 1
2010 11 3
2011 8 7
2012 13 5
2013 9 10
2014 9 5
कुल मैच खेले- 118

कुल गोल किए- 52

2015 से लेकर अब तक 50 मैच खेले, 50 गोल दागे

साल कितने मैच खेले गोल
2015 5 3
2016 13 13
2017 11 11
2018 7 6
2019 10 14
2020 4 3
कुल मैच खेले- 50 कुल गोल किए- 50

2015 में 30वां बर्थडे मनाने के बाद जिस स्पीड से वे गोल दाग रहे हैं, उस औसत से वे अगले 8 मैचों में ईरान के अली दाई के 109 गोल्स के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे और इंटरनेशनल मैच में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।

रोनाल्डो ने अपना पहला गोल अपने 8वें मैच में ग्रीस के खिलाफ 2004 में दागा था। वहीं, 50वां गोल 2014 के फीफा वर्ल्ड कप में घाना के खिलाफ किया था। रोनाल्डो ने अपना 100वां गोल इसी साल सितंबर में स्वीडन के खिलाफ नेशंस लीग में दागा था।

सिर्फ 2 खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मैच 100 से ज्यादा गोल किए हैं। अगर मौजूदा खिलाड़ियों की बात करें, तो रोनाल्डो के आसपास अभी कोई खिलाड़ी नहीं है। भारत के सुनील छेत्री ही 72 इंटरनेशनल गोल्स के साथ मौजूदा खिलाड़ियों में उनसे पीछे हैं। वहीं, अर्जेंटीना के स्टार प्लेयर लियोनल मेसी 71 गोल्स के साथ 15वें नंबर पर हैं।

रोनाल्डो ने लिथुआनिया और स्वीडन के खिलाफ सबसे ज्यादा 7-7 गोल दागे हैं। वहीं, अर्जेंटीना और ग्रीस समेत 17 देशों के खिलाफ उन्होंने सबसे कम 1 गोल किया है।

टॉप-10 देश जिनके खिलाफ रोनाल्डो ने सबसे ज्यादा गोल किए

देश गोल्स
लिथुआनिया 7
स्वीडन 7
एंडोरा 6
आर्मेनिया 5
लातविया 5
लक्जैमबर्ग 5
एस्टोनिया 4
फरो आइलैंड 4
हंगरी 4
नीदरलैंड्स 4

रोनाल्डो ने सबसे ज्यादा गोल UEFA यूरो क्वालिफाइंग मैच में किए हैं। उन्होंने UEFA यूरो क्वालिफाइंग के 35 मैच में 31 गोल किए हैं। जबकि 38 FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन मैच में 30 गोल दागे हैं।

UEFA यूरो क्वालिफाइंग में रोनाल्डो के सबसे ज्यादा गोल

कॉम्पिटीशन मैच खेले गोल्स
फ्रेंडली 49 18
UEFA यूरो क्वालिफाइंग 35 31
UEFA यूरोपियन चैम्पियनशिप 21 9
UEFA नेशंस लीग 4 5
FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन 38 30
FIFA वर्ल्ड कप 17 7
FIFA कन्फेडरेशन कप 4 2
टोटल 168 102

रोनाल्डो ने अपने करियर में कुल 9 बार गोल की हैट्रिक लगाईं हैं। उन्होंने अपनी अंतिम हैट्रिक गोल 2019 में लिथुआनिया के खिलाफ UEFA यूरो क्वालिफाइंग मैच में की थी।

रोनाल्डो ने लिथुआनिया के खिलाफ 2 हैट्रिक दागे

हैट्रिक नंबर साल किसके खिलाफ
1 2013 नॉर्दर्न आयरलैंड
2 2013 स्वीडन
3 2015 आर्मेनिया
4 2016 एंडोरा
5 2017 फरो आइलैंड
6 2018 स्पेन
7 2019 स्वीट्जरलैंड
8 2019 लिथुआनिया
9 2019 लिथुआनिया

रोनाल्डो ने अब तक कुल 22 गोल बाएं पैर से किए हैं। वहीं, 55 गोल दाएं पैर से किए हैं। जबकि 25 गोल उन्होंने हेडर से किए हैं। रोनाल्डो ने 10 गोल डायरेक्ट फ्री किक से किए हैं। जबकि 81 गोल ओपन प्ले यानी मैच के दौरान किए। जबकि 11 गोल पेनल्टी में दागे।

रोनाल्डो ने अपने इंटरनेशनल करियर में सबसे ज्यादा गोल मैच के 76 से 85वें मिनट में किए। वहीं, 11 से 20वें मिनट में उनके गोल करने का लय सबसे कम है।

सेकंड हाफ में ज्यादा गोल करते हैं रोनाल्डो

मैच में कब से कब तक गोल दागे
1 से 10 मिनट 10 (3 पेनल्टी)
11 से 20 मिनट 2
21 से 30 मिनट 14 (3 पेनल्टी)
31 से 40 मिनट 9 (2 पेनल्टी)
41 से हाफ टाइम 6
फर्स्ट हाफ टोटल 41
46 से 55 मिनट 8
56 से 65 मिनट 14
66 से 75 मिनट 8 (1 पेनल्टी)
76 से 85 मिनट 19 (2 पेनल्टी)
86 से फुल टाइम 12
सेकंड हाफ टोटल 61


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एंडोरा के खिलाफ बुधवार को खेले गए फ्रेंडली मैच में रोनाल्डो ने अपना 102वां इंटरनेशनल गोल दागा।-फाइल फोटो


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चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव को फेंकनी पड़ी बनी हुई मिठाइयां? जानें वायरल फोटो का सच

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। इसमें कुछ लोग गड्ढे में मिठाइयां फेंकते दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि फोटो पटना के राजद कार्यालय की है। कहा जा रहा है कि चुनाव हारने के बाद तेजस्वी यादव के समर्थकों ने इस तरह जीत की उम्मीद में तैयार की गई मिठाइयां फेंकीं।

10 नवंबर को मतगणना के बाद बिहार के चुनाव नतीजे सामने आए। नतीजों में NDA 125 सीटों के साथ सत्ता बचाने में कामयाब रहा। वहीं, तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं थीं।

और सच क्या है ?

  • वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें दैनिक भास्कर वेबसाइट की 2 दिन पुरानी एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल फोटो से मिलती जुलती एक फोटो है।
  • दैनिक भास्कर की खबर से पता चलता है कि मामला बिहार का नहीं, बल्कि हरियाणा के सिरसा का है। दीवाली के पहले सिरसा में बिना लाइसेंस मिठाई बनाने का प्लांट संचालित हो रहा था। नतीजतन सरकारी अमले ने 1 क्विंटल मिठाई मौके पर ही नष्ट करवा दी।
  • सरकार के पास गुप्त सूचना पहुंची कि नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मिठाइयां बनाने का काम चल रहा है। इस पर सीएम फ्लाइंग टीम हिसार की टीम ने छापेमारी कर दी। टीम के साथ सिरसा सीआईडी की टीम और फूड सेफ्टी विभाग की भी टीम साथ थी।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो बिहार नहीं, बल्कि हरियाणा के सिरसा की है। चुनाव में हार के बाद तेजस्वी समर्थकों द्वारा मिठाई फेंके जाने का दावा पड़ताल में फेक निकला।


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Bihar Election 2020: Tejashwi Yadav throw sweets after election defeat?


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ट्रेनिंग के वक्त चोट लगी तो फाइटर पायलट नहीं बन सके, IIM से MBA के बाद जॉब कर रहे

सेना में ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना ज्यादातर युवाओं का सपना होता है। वे युवा इसे पूरा भी करते हैं, लेकिन कई ऐसे भी होते हैं, जो दहलीज पर पहुंचकर भी मंजिल से दूर रह जाते हैं। हर साल कुछ बच्चे NDA और OTA से ट्रेनिंग के दौरान बोर्ड आउट हो जाते हैं। उन्हें तो न कोई मेडिकल सपोर्ट मिलता है और न ही इनके परिवार को कोई सुविधा।

पेंशन के नाम पर एक्स ग्रेशिया मिलता है, जो डिसेबिलिटी के हिसाब से होता है। यह अमाउंट भी कम होता है। 2015 में इसको लेकर एक कमेटी भी बनी। जिसमें सुझाव दिया गया कि एक्स ग्रेशिया का नाम बदलकर डिसेबिलिटी पेंशन कर दिया जाए, लेकिन अभी तक इस ड्राप्ट पर साइन नहीं हुआ है। आज इस कड़ी में पढ़िए एकलव्य पंडित की कहानी...

उत्तरप्रदेश के बिजनौर के रहने वाले एकलव्य पंडित बचपन से एक सपना देखा था। वो सपना था एयरफोर्स में पायलट बनकर फाइटर प्लेन उड़ाना। वो जब भी टीवी पर फाइटर प्लेन को उड़ते देखते तो यही सोचते थे कि एक दिन मैं भी इसे उड़ाऊंगा। वो किताबों में, अखबारों में, हर जगह एयरफोर्स के बारे में पढ़ते रहते थे। अगर कोई एयर फोर्स वाला मिलता तो उससे भी एयर फोर्स के बारे में एक-एक चीज पूछते रहते थे।

साल 2013 में एकलव्य का सिलेक्शन AFCAT के लिए हुआ था। दूसरे प्रयास में वे सफल हुए थे।

12वीं के बाद एकलव्य NDA का फॉर्म भरा, हालांकि कि वो एग्जाम नहीं दे सके। उसी दिन इंजीनियरिंग के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम था तो उनके पिता ने NDA का एग्जाम नहीं देने दिया। वो चाहते थे कि एकलव्य इंजीनियर बनें और फिर कोई सेटल्ड सरकारी नौकरी या सिविल सर्विस की तैयारी करें। इसके बाद एकलव्य ने इंजीनियरिंग में एडमिशन ले लिया। हालांकि, इसके साथ ही वो एयरफोर्स की तैयारी भी कर रहे थे। वो कॉरपोरेट सेक्टर में काम नहीं करना चाहते थे। उनका एक ही सपना था, नीली वर्दी पहनकर मिग-21 उड़ाना। इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में उनके साथी जब कॉरपोरेट सेक्टर में जॉब ढूंढ रहे थे, तब वो SSB की तैयारी कर रहे थे।

2013 में उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) का एग्जाम दिया, वो पास भी हुए। हालांकि, मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाए। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अगले साल फिर एग्जाम दिया और इस बार उनका सिलेक्शन भी हो गया। यहां एकलव्य को अपनी पसंद की ब्रांच भी मिल गई। इसके बाद हैदराबाद में उनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई। ट्रेनिंग के कुछ ही महीनों बाद एकलव्य हादसे का शिकार हो गए। ट्रेनिंग कैंप में गन के साथ प्रैक्टिस करते वक्त उनका बैलेंस बिगड़ गया और वो जमीन पर गिर गए। उनके पैर में चोट लग गई।

IIM से पास आउट होने के बाद डिग्री लेते एकलव्य पंडित।

जांच के बाद पता चला कि उनका पटेला डिसलोकेट हो गया है। 4-5 महीने वो अस्पताल में रहे। इसके बाद वो फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए गए, लेकिन उन्हें अनफिट करार दे दिया गया। इसके बाद बोर्ड आउट की प्रोसेस शुरू हो गई। एकलव्य को वापस उनके यूनिट भेज दिया गया। वहां उनके साथी ट्रेनिंग कर रहे थे और वो अकेले में बैठकर रोते रहते थे। कुछ दिनों बाद उन्हें आफिशियली बोर्ड आउट कर दिया गया और वो बिजनौर लौट आए।

एकलव्य कहते हैं कि मेरे लिए वो सबसे मुश्किल दौर था। कई दिनों तक डिप्रेशन में रहा। किसी से बात नहीं करता था, घर के लोगों से भी दूर रहने की कोशिश करता था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। ऊपर से कुछ लोग ताने भी मारते थे। उन्हें लगता था कि इसकी ही कोई गलती रही होगी, जिससे इसे बाहर कर दिया गया। वो कहते हैं कि बोर्ड आउट होने के बाद मैंने एयरफोर्स से रिक्वेस्ट की थि कि मुझे कहीं जॉब दी जाए। अगर मैं पायलट के लिए फिट नहीं हूं तो मुझे किसी और ब्रांच में शामिल कर लिया जाए। आखिर किसी को सिलेक्ट करने के बाद वापस घर कैसे भेज सकते हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

2018 में एकलव्य ने MBA किया। अभी वो एक कॉरपोरेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं।

एकलव्य बताते हैं, 'कुछ दिनों तक मैंने डिप्रेशन से उबरने के लिए मेडिटेशन शुरू किया। इससे काफी फायदा हुआ। मेरा कांफिडेंस लेवल बढ़ा। इसी बीच मैं अहमदाबाद में एक रिलेटिव यहां गया। वहां मैंने पहली बार IIM अहमदाबाद देखा। उस वक्त मेरे माइंड में ये बात क्लिक कर गई कि अब मुझे यहीं एडमिशन लेना है। वापस घर लौटने के बाद कैट की तैयारी शुरू कर दी। कुछ दिनों के लिए नोएडा चला गया और वहां कैट के लिए कोचिंग करने लगा। इस दौरान खुद के खर्च निकालने के लिए मैं ट्यूशन भी पढ़ाता था।'

2015 में एकलव्य ने कैट का एग्जाम दिया। पहले ही अटेंप्ट में उनका सिलेक्शन हो गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने MBA कंप्लीट किया। उसी समय उनका एक कॉरपोरेट कंपनी में सिलेक्शन हो गया। अभी एकलव्य दिल्ली में जॉब कर रहे हैं। उनके माता-पिता दोनों ही सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं।



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फाइटर पायलट बनने का सपना टूटने के बाद एकलव्य डिप्रेशन में थे। उबरने के लिए मेडिटेशन किया और जब पहली बाद IIM अहमदाबाद देखा तो तय कर लिया कि यहीं आना है।


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पढ़िए, मैगजीन अहा! ज़िंदगी की दीपावली स्पेशल स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

1. जीवन के अंधकार को दूर करने के लिए अपने भीतर जलाएं संकल्प का दीप। दीपों के महत्व और सही अर्थ जानने के लिए पढ़ें ये लेख...

जीवन में अंधकार से उजाले तक का सफर तय करना सिखाती है ये आमुख कथा

2. लक्ष्मी की सबसे पुरानी मूर्ति महाराष्ट्र के तेर नामक स्थान में मिली थी। उसके बाद वह मूर्ति ब्रिटिश म्यूज़ियम में रखी गई। जानिए, लक्ष्मी के प्राचीन मूर्तियों का इतिहास इस लेख में...

दीपावली के प्राचीन संदर्भ तथा लक्ष्मी के प्राचीन शिल्प

3. लक्ष्मी को पाने के लिए रखना होगा सही चरित्र और आचरण। जानें, लक्ष्मी को आमंत्रित करने का तरीका और आलौकिक कथाएं इस लेख में...

लक्ष्मी की प्राप्ति तो सभी चाहते हैं, लेकिन लक्ष्मी उन्हीं को मिलती हैं जिनमें ये गुण हो

4. दिवाली का त्योहार हो और मिठाइयों की बात ना हो, ये नामुमकिन है। लिहाजा, पेश है स्वाद के शौकीनों के लिए ये लेख...

भारत के हर एक प्रांत में है मिठाइयों का अलग स्वाद, पेश है मिठाइयों का लजीज ब्योरा

5. पान के स्वाद से तो सभी परिचित हैं और ये भी लगभग सभी को पता है कि पान का उपयोग पूजा में भी किया जाता है। लेकिन क्या है पान का इतिहास? जानने के लिए पढ़ें, ये लेख...

अंग्रेज़ी में बीटल लीफ़ कहे जाने वाले पान का ये है इतिहास

6. किसी भी अहसास पर गीत, कविताएं, गजलें लिखना रचनाकारों के लिए स्वभाविक है। दिवाली से जुड़ें अहसासों को बयां करतीं ऐसी ही कुछ कविताएं पढ़ें, इस लेख में...

दिवाली के मौके पर कुछ खास कविताएं हम आपके लिए चुन कर लाए हैं

7. एक दीप रखना प्रिये, उस शहीद के नाम। आई जिसकी ज़िंदगी, आज देश के काम॥ दिवाली के मौके पर पढ़ें, ऐसे ही दिल को छू लेने वाले कवि के दोहे इस लेख में...

रहा मचाता रातभर, अंधकार उत्पात...याद दिला दी दीप ने, पल भर में औक़ात

8. 'राम' इस नाम में दुनिया समाई हुई हैं। भगवान राम की ये पौराणिक कथाएं आपको भी कर देंगी राममय...

सिया राम मय सब जग जानी, राम सभी के हैं और सब राम के

9. रामायण में कौशल्या को राजा दशरथ की मान्यता मिली थी और कैकेयी को उनका अनुराग, लेकिन सुमित्रा को क्या मिला? जानने के लिए पढ़ें, ये लेख...

रामायण की महागाथा में सुमित्रा को क्या मिला, बताती है ये कहानी

10. जीवन में धूप और छांव, सुख और दुःख का मेलजोल हमेशा बना रहता है। पाठकों के लिए पेश है दो बहनों की ये कहानी बयां करती है जीवन का सत्य...

दो बहनों की ये कहानी बयां करती है जीवन का सत्य



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हम कोरोना वैक्सीन के 240 करोड़ डोज बनाने में सक्षम, पर लोगों तक 55 करोड़ ही पहुंचेंगे

भारत में सिप्ला, कैडिला हेल्थकेयर और भारत बायोटेक जैसी कंपनियां कोरोना वैक्सीन डेवलप करने के लिए एडवांस स्टेज में पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी क्रेडिट सुईस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनियां देश की जरूरत के लायक वैक्सीन डोज बनाने में सक्षम हैं। लेकिन, इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण वैक्सीन आने के बाद एक साल में टीकाकरण अभियान एक तिहाई ही हो पाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक देश की अधिकतर आबादी को टीका लगाने के लिए भारत को 170 करोड़ डोज की जरूरत होगी। भारतीय कंपनियां 240 करोड़ डोज बना सकती हैं। टीकाकरण के लिए जरूरी पर्याप्त वाइल, स्टोपर्स, सीरिंज, गेज, अल्कोहल स्वाब बनाने की क्षमता भी भारत के पास है। लेकिन, कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रीजरेटेड वैन की संख्या कम होने के कारण एक साल में 55 से 60 करोड़ डोज ही लग पाएंगे।

भारत जिन टीकों की पहले उम्मीद कर रहा है उनमें एस्ट्राजेनेका, नोवावैक्स और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन शामिल हैं। इन्हें 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में स्टोर करना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी, 2021 तक टीके उपलब्ध हो सकते हैं।

वैज्ञानिक सलाह मानने में भारत के नीति निर्माता अमेरिका से आगे

कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए रणनीति तैयार करते समय वैज्ञानिक सलाह को तरजीह देने के मामले में भारतीय नीति निर्माता दुनिया में 15वें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड पहले, चीन दूसरे और अर्जेंटीना के नेता तीसरे स्थान पर हैं। हैरानी की बात है कि दुनिया में सबसे ज्यादा वैज्ञानिक देने वाले देशों में शामिल अमेरिका, रूस, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन के लॉ मेकर काफी पीछे हैं। जापान 17वें, फ्रांस 18वें, रूस 21वें, ब्रिटेन 22वें, ब्राजील 23वें और अमेरिका 24वें स्थान पर हैं।

यह जानकारी साइंटिफिक जर्नल प्रकाशित करने वाली संस्था फ्रंटियर के ताजा सर्वे में सामने आई है। मई और जून में हुए इस सर्वे में अलग-अलग देशों के 25 हजार शोधकर्ताओं से बात की गई। इसके मुताबिक न्यूजीलैंड के रिसर्चर अपने सांसदों से सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं। वहां के करीब 75 फीसदी शोधकर्ताओं ने कहा कि उनके नेता वैज्ञानिक सलाह को स्वीकार करते हैं।

एक दिन में पहली बार 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

कोरोनावायरस महामारी के कारण बुधवार को दुनियाभर में 10,178 लोगों की मौत हुई। पहली बार इस महामारी के कारण एक दिन में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। अब तक 12,88 हजार से ज्यादा लोगों को यह बीमारी लील चुकी है। बुधवार को सबसे ज्यादा 1479 मौतें अमेरिका में हुई हैं। अमेरिका में अब तक 2,47,398 लोगों ने कोरोना के कारण जान गंवाई है। यूरोप के अलग-अलग देशों को मिलाकर बुधवार को कुल 4,774 लोगों ने जान गंवाई। 623 मौतों के साथ इटली पहले स्थान पर रहा।

कोवीशील्ड वैक्सीन के चार करोड़ डोज तैयार

अब तक सबसे भरोसेमंद मानी जा रही ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन कोवीशील्ड के चार करोड़ डोज तैयार कर लिए गए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और आईसीएमआर ने इसके ट्रायल के लिए 1600 वालंटियर का चुनाव किया है। इसके अलावा वैक्सीन का ट्रायल ब्रिटेन, अमेरिका, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में भी चल रहा है। आईसीएमआर परीक्षण स्थलों से जुड़े खर्च उठा रहा है।

यूरोपियन यूनियन फाइजर से 30 करोड़ डोज खरीदेगा

यूरोपियन यूनियन ने कहा है कि वह बायोएनटेक और फाइजर द्वारा विकसित टीके के 30 करोड़ डोज खरीदेगा। कंपनियों ने बताया कि इस साल के अंत तक डिलीवरी शुरू हो जाएगी। हालांकि ईयू ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि टीके को किस तरह रोलआउट किया जाएगा और कहां कितने डोज पहुंचाए जाएंगे। फाइजर ने दावा किया है कि उसका टीका 90 फीसदी से ज्यादा असरदार है।



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We are able to make 240 crore doses, but will reach 55 crore people


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पाटोदा के 750 परिवारों में ज्यादातर एडवांस टैक्स भरते हैं, पूरे गांव में सीसीटीवी कैमरे, स्कूलों में मुफ्त दूध

(रवी गाडेकर) दीपावली पर किसी संस्था या व्यक्ति की ओर से जरूरतमंदों को कपड़े, मिठाई या पैसों की मदद करने की खबरें अक्सर पढ़ने में आती है। लेकिन गांव के सैकड़ों लोगों को आधे दाम में शक्कर देने वाला औरंगाबाद का नजदीकी पाटोदा गांव कुछ खास है।

हर बार कुछ नया करने के लिए पहचाने जाने वाले पाटोदा ने कोरोना संकट में शत-प्रतिशत टैक्स चुकाने वाले लगभग 750 परिवारों को 20 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से 25 किलो शक्कर देकर दीपावली की मिठास बढ़ा दी है। पूरा टैक्स चुका देने वाले परिवारों को आज भी गेहूं मुफ्त में पीसकर दिया जाता है। गांव वालों को मिनरल वाटर और नहाने के लिए गरम पानी की सुविधा भी दी जा रही है।

यह गांव औरंगाबाद शहर से 12 किलोमीटर दूर है। आधे दाम में शकर देने का आइडिया पूर्व सरपंच भास्कर पेरे का है। बाजार में 40 रुपये किलो मिलने वाली शक्कर पंचायत ने लातूर जिले की सिद्धेश्वर शुगर फैक्ट्री से 28 रुपये किलो के दर से खरीदी। फैक्ट्री से 100 क्विंटल शक्कर गांव तक लाने में प्रतिकिलो 2 रुपये और लगे। परिवारों से प्रति किलो के लिए 20 रुपये और 10 रुपये टैक्स से जमा रकम से लेकर यह पहल की गई। पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी पीएस पाटील ने कहा कि दिवाली पर लोगों को राहत देने के लिए पंचायत ने यह काम किया।

सालाना 30 लाख रुपये का टैक्स

गांववासियों को पहले से मुफ्त सुविधाओं का लाभ लेने की आदत नहीं है। सालभर का टैक्स अप्रैल की शुरुआत में 70% और 30% टैक्स जून में भर दिया जाता है। गांव में 750 परिवार हैं और कुल आबादी 1654 है। सालभर में करीब 30 लाख रुपए टैक्स जमा होता है। एक परिवार को कम से कम 4 हजार रुपये तक टैक्स चुकाना होता है।

घर जितना बड़ा होगा, उतना ही ज्यादा टैक्स लगता है। बिना किसी हिचकिचाहट टैक्स जमा होता है। पर्यावरण ग्राम समृद्धि योजना से आबादी से दुगने फलों का उत्पादन होता है। यही नहीं, स्कूल में ई-लर्निंग की सुविधा भी है।

गांव को राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है

पाटोदा को राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। गांव के हर परिवार में कम से कम एक बैंक खाता है। हर व्यक्ति की सालगिरह पर उसका फोटो पंचायत बोर्ड पर लगाया जाता है। गांव में एक ही सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जाता है। जन सहभागिता से छात्र-छात्राओं को ठंड के दिनों में मुफ्त दूध दिया जाता है। गांव में सीसीटीवी कैमरे और वाटर कूलर लगे हैं। पंचायत कार्यालय पूरी तरह एयरकंडीशंड है।



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Where all taxpayers, mostly pay advance tax, CCTV cameras in entire village, free milk in schools


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मुंबई जैसे हमलों से दहल उठा था फ्रांस, 20 मिनट में 6 जगह हुए थे आतंकी हमले

फ्रांस के साथ-साथ पूरी दुनिया को दहलाने वाले हमलों की वजह से 13 नवंबर को याद किया जाता है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने एक के बाद एक 6 जगहों पर कुछ ही मिनटों में हमले किए, जिसमें 130 लोगों की जान चली गई। 350 से ज्यादा घायल हो गए। हमलों के बाद फ्रांस में इमरजेंसी लगा दी गई।

आतंकियों ने बार, रेस्टोरेंट, स्टेडियम, कंसर्ट हॉल कुछ नहीं छोड़ा था। 7 आतंकियों ने आत्मघाती हमले किए थे। पहला हमला रात 9 बजकर 20 मिनट पर एक फुटबॉल स्टेडियम के बाहर हुआ था। जिस वक्त ये हमला हुआ था, उस वक्त जर्मनी और फ्रांस के बीच मैच चल रहा था। वहां तब के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी मौजूद थे।

सबसे खतरनाक हमला बेटेकलां कंसर्ट हॉल में हुआ था। 1500 सीटों वाला ये कंसर्ट हॉल पूरा भरा हुआ था। तभी तीन आतंकी अंदर घुस आए और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सबसे ज्यादा 89 मौतें इसी हमले में हुई थीं। इस हमले में आतंकियों ने वैसी ही रणनीति अपनाई थी, जैसी रणनीति 26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले में अपनाई गई थी। मुंबई में भी आतंकियों ने ताज होटल में जाकर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी थी। पेरिस में ऐसे ही हमले तीन जगहों पर हुए थे।

इन हमलों की एक वजह इसी साल जनवरी में चार्ली हेब्दो मैग्जीन में छपे पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून को भी माना गया था। पेरिस में हुए ये हमले मार्च 2004 में स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हुए हमले के बाद सबसे भयानक थे। 11 मार्च 2004 को मैड्रिड की ट्रेनों में हुए बम धमाकों में 191 लोगों की जान गई थी और 1800 लोग घायल हुए थे।

कोलंबिया में ज्वालामुखी विस्फोट में 25,000 लोग मारे गए थे
कहते हैं कि ज्वालामुखी सोए दानव की तरह होते हैं। कभी-कभी ही जागते हैं और जब जागते हैं तो कहर बरपाकर ही शांत होते हैं। कुछ ऐसा ही 45 साल पहले कोलंबिया में हुआ था। तब वहां का दूसरा सबसे एक्टिव ज्वालामुखी 'नेवादो देल रुइज' अचानक फट गया था। इसने इतनी तबाही मचाई थी कि 80 वर्ग किमी. के इलाके में सिर्फ और सिर्फ राख ही राख नजर आ रही थी। इस ज्वालामुखी विस्फोट में 25 हजार लोग मारे गए थे।

भारत और दुनिया के इतिहास में 13 नवंबर को हुई प्रमुख घटनाएं:

  • 1969: लंदन के क्वीन कार्लेट अस्पताल में एक महिला ने 5 बच्चों को जन्म दिया।
  • 1927: दुनिया की पहली सबसे लंबी अंडरवॉटर टनल की शुरुआत हुई। ये टनल अमेरिका के न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के बीच थी। इसके नॉर्थ ट्यूब की लंबाई 8,558 फीट और साउथ ट्यूब की लंबाई 8,371 फीट थी। इसका नाम इसे डिजाइन करने वाले इंजीनियर क्लिफोर्ट होलैंड के नाम पर रखा गया था।
  • 1971: अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के स्पेसक्राफ्ट मैरियर-9 ने मंगल ग्रह के चक्कर लगाए। ये पहला मौका था, जब पृथ्वी से भेजे गए किसी स्पेसक्राफ्ट ने किसी दूसरे ग्रह का चक्कर लगाया था। एक महीने बाद वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह की साफ तस्वीरें मिली थीं।
  • 1998: चीन के विरोध के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और दलाई लामा ने मुलाकात की।


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Today in History (Aaj Ka Itihas) - What Happened on November 13 | Holland Tunnel (New York City), Paris Terror Attack 2015


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बॉलीवुड में एक और खुदकुशी; घर खरीदने वालों को मिली राहत; चुनाव से पहले ममता की आफत

नमस्कार!

बिहार में चुनाव नतीजे आ चुके हैं, मगर हालात अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसे हैं। मतलब बहुमत NDA को मिला है, पर राजद हार मानने को तैयार ही नहीं। तेजस्वी बोल रहे हैं कि जनादेश महागठबंधन को ही मिला है, पर चुनाव आयोग का नतीजा NDA के पक्ष में गया। बहरहाल, शुरू करते हैं आज का मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…

  • BSE का मार्केट कैप 167 लाख करोड़ रुपए रहा। BSE पर करीब 53% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • 2,886 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,550 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,146 कंपनियों के शेयर गिरे।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • बिहार में NDA की बैठक होगी। मुख्यमंत्री को लेकर हो सकता है फैसला। चुनाव नतीजे आने के बाद पहली बार चारों घटक दल के नेता साथ बैठेंगे।
  • महाराष्ट्र में एक्टर अर्जुन रामपाल की मुंबई के NCB ऑफिस में सुबह 11 बजे पेशी।
  • राजस्थान के कोटा में मेडिकल कॉलेज के 23 विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर डेमोंस्ट्रेटर, सीनियर रेजीडेंट समेत कुछ पदों के लिए इंटरव्यू होंगे।

देश-विदेश

एक्टर आसिफ बसरा ने की आत्महत्या

पिछले दिनों आई वेब सीरीज पाताललोक में काम कर चुके एक्टर आसिफ बसरा (53) ने धर्मशाला के मैक्लोडगंज स्थित अपार्टमेंट में खुदकुशी कर ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह डिप्रेशन में थे। उन्होंने पालतू कुत्ते के पट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी।

ममता के मंत्री कैबिनेट मीटिंग से नदारद

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले तृणमूल चीफ ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने की खबर है। सरकार में परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी बुधवार को ममता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांच मंत्री कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे।

घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए बड़ी राहत दी। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू के बीच का जो अंतर है, उस पर अब इनकम टैक्स में 20% की राहत दी जाएगी। पहले यह 10% थी। यह स्कीम रेसीडेंशियल यूनिट की प्राइमरी बिक्री पर लागू होगी।

मोदी ने JNU में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया

नेहरू के नाम पर बनी और लेफ्ट का गढ़ कही जाने वाली JNU में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली पहुंचे। उन्होंने यहां स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया, जो कैम्पस में 2018 से ढंककर रखी हुई थी। प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा- अब स्वामीजी की प्रतिमा की छत्रछाया में डिबेट कीजिएगा।

राष्ट्रपति ट्रम्प के आगे अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट मजबूर

जो बाइडेन अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन, डोनाल्ड ट्रम्प अब भी हार मानने को तैयार नहीं है। हालात ये हैं कि दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्ष बाइडेन को जो बधाई संदेश भेज रहे हैं, वे बाइडेन के पास पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। वजह है स्टेट डिपार्टमेंट की मजबूरी।

डीबी ओरिजिनल

भूखे बुजुर्ग को ASI ने खाना खिलाया, सुसाइड से रोका

सूरत के पुलिस सुसाइड प्रिवेंशन हेल्पलाइन के नंबर पर 8 अक्टूबर को एक बुजुर्ग ने फोन किया और कहा, 'मैं जिंदगी से तंग आ गया हूं, दो टाइम का खाना तक नहीं मिल रहा। मुझे आत्महत्या करने का विचार आ रहा है।' ASI ने बुजुर्ग के लिए खाने की व्यवस्था की। उनको सुसाइड से रोका।

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भास्कर एक्सप्लेनर

प्रदूषण के लिए दिवाली के पटाखे कितने जिम्मेदार?

एयर पॉल्यूशन बढ़ते देख नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT ने दिल्ली-एनसीआर में 9 से 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। न सिर्फ दिल्ली, बल्कि देश के जिन-जिन राज्यों में एयर क्वालिटी खराब है, वहां पटाखे नहीं बेचे जाएंगे, लेकिन क्या पॉल्यूशन के लिए दिवाली के पटाखे ही जिम्मेदार हैं?

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सुर्खियों में और क्या है...

  • कंगना रनौट के भाई अक्षत ने रितु सागवान के साथ उदयपुर में शादी की। कंगना ने भाई की शादी में 6 करोड़ खर्च किए, 45 लाख की ज्वेलरी और 18 लाख की ड्रेस पहनी।
  • देश में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बताया कि ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनिका की कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड के चार करोड़ डोज तैयार कर लिए गए हैं।
  • LAC पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट प्लान बन गया है। पूर्वी लद्दाख में पैगॉन्ग झील के आसपास बने स्ट्रक्चर तोड़े जाएंगे। पेट्रोलिंग पर भी रोक लगाई जाएगी।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को 17वीं आसियान (ASEAN) समिट में कहा कि कोरोना के कारण फैमिली फोटो नहीं ले पा रहे, पर हमारे बीच दूरियां कम हो रही हैं। समिट में सभी 10 सदस्य देश शामिल हुए थे।


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Tuesday, November 10, 2020

NCB का अर्जुन रामपाल के घर छापा; NGT के निशाने पर पटाखा और 2 करोड़ यूजर्स का चोरी हुआ डेटा

नमस्कार!

देश में रविवार को कोरोना के सिर्फ 8.35 लाख टेस्ट किए गए, यह संख्या बीते 42 दिनों में सबसे कम है। उधर, अमेरिका दुनिया का पहला देश बन गया, जहां संक्रमितों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार हो चुका है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ।

सबसे पहले देखते हैं, बाजार क्या कह रहा है…

  • BSE का मार्केट कैप 165 लाख करोड़ रुपए रहा। BSE पर करीब 51% कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही।
  • 2,882 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग हुई। इसमें 1,485 कंपनियों के शेयर बढ़े और 1,206 कंपनियों के शेयर गिरे।

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • IPL के 13वें सीजन का फाइनल मुकाबला आज मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। मैच शाम साढ़े सात बजे से दुबई में शुरू होगा।
  • मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर आज सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। पहली बार पोस्टल बैलेट और EVM की गिनती एक साथ होगी।
  • बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिने जाएंगे। 8:30 बजे से EVM से वोटों की गिनती शुरू होगी।
  • महाराष्ट्र में आज अर्नब गोस्वामी पर दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका और उनकी जमानत याचिका पर रायगढ़ सेशन कोर्ट में सुनवाई होगी।
  • बॉलीवुड ड्रग्स कनेक्शन में दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश को आज फिर NCB के दफ्तर में पेश होना होगा।

देश-विदेश

NCB ने अर्जुन रामपाल को पूछताछ के लिए बुलाया

बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सोमवार को अर्जुन रामपाल के घर छापा मारा। NCB ने उनके गैजेट्स जब्त कर लिए। अर्जुन और उनकी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स को 11 नवंबर को पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया गया है।

दिल्ली समेत जिन शहरों में हवा खराब, वहां पटाखे बैन

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली समेत पूरे NCR में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर 30 नवंबर तक रोक लगा दी है। यह आदेश देश के उन सभी कस्बों-शहरों में भी लागू होगा, जहां पिछले साल नवंबर में हवा की क्वालिटी का स्तर बहुत खराब स्थिति में था।

हैकर ने ग्रॉसरी कंपनी के यूजर्स का डेटा चुराया

ग्रॉसरी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिग बास्केट के 2 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक हुआ है। साइबर इंटेलीजेंस कंपनी Cyble के मुताबिक, हैकर ने इस डेटा को 40,000 डॉलर (करीब 29.5 लाख रुपए) में बेचने के लिए डार्क वेबसाइट पर डाला है। कंपनी ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई है।

अर्नब गोस्वामी को हाईकोर्ट से जमानत नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक TV के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि लोअर कोर्ट में अर्जी लगाएं। एक डिजाइनर और उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुंबई पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को गिरफ्तार किया था।

कोरोना रोकने के लिए बाइडेन ने बनाई टास्क फोर्स

अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने कोरोना से निपटने के लिए सोमवार को टास्क फोर्स का ऐलान किया। इसमें भारतवंशी विवेक मूर्ति भी शामिल हैं। मूर्ति अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल हैं। येल मेडिकल स्कूल के ग्रेजुएट मूर्ति को 2014 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सर्जन जनरल नियुक्त किया था।

डीबी ओरिजनल

टिफिन सर्विस शुरू की, हर महीने 3 लाख रु का मुनाफा

आज की कहानी है दिल्ली की रहने वाली हाउसवाइफ जिनिषा जैन की। जिनिषा खाना बनाने की शौकीन हैं। उन्होंने अपने शौक को पड़ोसन के कहने पर बिजनेस में बदला। आज दिल्ली-एनसीआर में वो किचन का 'जायका टिफिन सर्विस' के नाम से मशहूर हैं। उनको हर महीने 3 लाख रुपए मुनाफा हो रहा है।

भास्कर एक्सप्लेनर

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस नहीं छोड़ा तो क्या होगा?

अमेरिकी चुनावों में तस्वीर लगभग साफ है। जो बाइडेन और कमला हैरिस क्लियर विनर के तौर पर सामने हैं। विजयी भाषण भी दे चुके हैं। लेकिन, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने अब तक हार नहीं स्वीकारी है। वे अदालतों में केस लड़ने की बात कर रहे हैं। यदि ट्रम्प ने व्हाइट हाउस नहीं छोड़ा तो क्या होगा?

सुर्खियों में और क्या है...

  • ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रोहित शर्मा को टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। वहीं, कप्तान कोहली पहले टेस्ट के बाद पैटरनिटी लीव पर चले जाएंगे।
  • टाटा ग्रुप के ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क का नया विज्ञापन भी विवादों में है। ट्विटर पर #BoycottTanishq ट्रेंड हुआ। तनिष्क पर हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगा।
  • रिचर्ड ब्रैन्सन की कंपनी वर्जिन हाइपरलूप ने अपने हाईस्पीड पॉड सिस्टम की पहली टेस्टिंग यात्रियों के साथ अमेरिका के नेवादा राज्य के लॉस वेगास में बनाई गई साइट पर की।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (82) की तबीयत सोमवार को बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।


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NCB raid at Arjun Rampal's house; Fireworks ban before Diwali; Data theft of 2 crore users


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भारत के बिना कोरोना से दुनिया को बचाना नामुमकिन, 70% वैक्सीन बनाने वाली वर्ल्ड फैक्ट्री हैं हम

21वीं सदी के विज्ञान के सामने कोरोना वायरस सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है। अब तक यह 12.5 लाख लोगों की जान ले यह वायरस कई देशों में तो लौट-लौटकर कहर बरपा रहा है। साफ है वैक्सीन ही कोरोना से निपटने का अकेला रास्ता है। वैज्ञानिक जुटे हैं। कई वैक्सीन ट्रायल के लास्ट फेज में हैं, मगर वैक्सीन तैयार होने से भी बड़ी चुनौती दुनिया की तकरीबन पूरी आबादी के लिए इसकी पर्याप्त डोज बनना है। अपने विज्ञान और फार्मा इंडस्ट्री के बूते दुनिया की वैक्सीन फैक्ट्री बन चुका भारत ही इसका एकमात्र जरिया है। सच तो यह है कि दुनिया की 70% वैक्सीन बनाने वाले भारत के बिना कोरोना से जंग जीतना नामुमकिन है।

अकेला भारत यूनीसेफ़ को 60% वैक्सीन बनाकर देता है। अमेरिका, यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया से लेकर दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में भारतीय वैक्सीन की बड़ी सप्लाई है। पिछले साल 9400 करोड़ रुपए का देश का वैक्सीन बाजार 2025 तक 25 हजार करोड़ रुपए को हो जाएगा। रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक हो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन। कोरोना वैक्सीन बनाने वाली ज्यादातर संस्थाएं और कंपनियां भारतीय फार्मा कंपनियों से वैक्सीन निर्माण के समझौते करने में जुटी हैं।

साइंस फॉर एंड विद सोसाइटी इन डीलिंग विद ग्लोबल पैनडेमिक

दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र की पहल पर हर साल 10 नवंबर को वर्ल्ड साइंस डे फॉर पीस एंड डेवलपमेंट मनाती है। कोरोना महामारी के चलते इस साल की थीम “साइंस फॉर एंड विद सोसाइटी इन डीलिंग विद ग्लोबल पैनडेमिक” रखा गया है। इस मौके पर आइये जानते है उन किरदारों को जिन्होंने भारत को दुनिया की वैक्सीन फैक्ट्री बनाया...

डॉ. कृष्णा इल्ला, भारत बायोटेक के फाउंडर

किसान के बेटे डॉ. इल्ला को पैसे की कमी के चलते छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटी कंपनी के फाउंडर डॉ कृष्णा इल्ला एक छोटे किसान परिवार से हैं। तमिलनाडु के थिरुथानी में जन्में डॉ कृष्णा इल्ला ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो बायोटेक्नोलॉजी के बाद एग्रीकल्चर की पढ़ाई करना चाहते थे लेकिन पैसों की कमी के कारण एक केमिकल कंपनी में काम करने लगे। इसी नौकरी के दौरान उन्हें स्कॉलरशिप मिली और वे अमेरिका में मास्टर्स और पीएचडी करने चले गए। डॉक्टर इल्ला विदेश में रहकर ही अपना करिअर बनाना चाहते थे लेकिन उनकी मां ने उन्हें वापस भारत बुला लिया और यहां उन्होंने एक छोटी सी लैब से शुरुआत कर उसे इतनी बड़ी कंपनी में बदल दिया। 100 से ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डॉ इल्ला की लैब में अब तक कई वैक्सीन बन चुकी हैं।

  • वैक्सीन का उत्पादन- 150 करोड़ डोज
  • कोरोना वैक्सीन के सफल ट्रायल के बाद- 500 करोड़ डोज
सीरम इंस्टीट्यू़ट के सीईओ अदार पूनावाला

विदेशी लाइफस्टाइल बचाने के लिए पिता ने लंदन से बुला लिया था वापस

कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में एक बड़ा नाम है भारत की सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी सीरम इंस्टीट्यू़ट के सीईओ अदार पूनावाला का। सीरम इंस्टीट्यूट के फाउंडर और अदार के पिता सायरस पूनावाला ने करीब 54 साल पहले 1966 में अपने हॉर्स फार्म में इस इंस्टीट्यू़ट की शुरुआत की थी। दुनिया में करीब 65% बच्चे ऐसे हैं जिन्हें कम से कम एक वैक्सीन सीरम इंस्टीट़्यूट की लगी है। फोब्र्स की बिलेनियर रैंकिंग में 165 वें और वल्र्ड रिचेस्ट मैन की लिस्ट में 86वें नंबर पर रहने वाले सायरस पूनावाला के इकलौते बेटे अदार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि लग्जरी लाइफ से दूर रखने के लिए उनके पिता ने 9 साल की उम्र में उन्हें इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल भेज दिया था। सायरस पूनावाला को इस बात का डर था कि कहीं अदार को विदेशी लाइफस्टाइल में रहने की इतनी आदत न हो जाए कि वो भारत में रह ही न सकें इसलिए उन्होंने अदार को ग्रेजुएशन के बाद भारत वापस बुला लिया था। युनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिनस्टर से ग्रैजुएशन कर के लौटे अदार ने 20 साल की उम्र में सीरम इंस्टीट्यू़ट में काम करना शुरू कर दिया था। उस वक्त कंपनी में उनका ऑफीशियली कोई पद नहीं था बल्कि उन्हें परछाई की तरह हर वक्त अने पिता के साथ रहना होता था और उनके हर काम को बारीकी से देखना होता था। 2005-7 में कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने उस वक्त कंपनी भारत के लगभग &5 देशों में वैक्सीन सप्लाई करती थी लेकिन अदर की मेहनत की वजह से आज उनकी कंपनी करीब 145 देशों के लिए वैक्सीन बनाती है और कंपनी का 80त्न रेवेन्यू भारत के बाहर से आता है।

  • वैक्सीन का उत्पादन- 150 करोड़ डोज़
  • कोरोना वैक्सीन के सफल ट्रायल के बाद- 200 करोड़ डोज़

कैडिला हेल्थकेयर के चेयरमैन पंकज पटेल

पंकज ने 8 साल की उम्र में देख लिया था फार्मासिस्ट बनने का सपना

कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी कैडिला हेल्थकेयर के चेयरमैन हैं पंकज पटेल। इंडियाज रिचेस्ट 2020 में 28वें नंबर पर रहे पंकज पटेल की कंपनी ने भारत में पहली बार स्वाइन फ्लू वैक्सीन (एन1एच1) बनाई थी। पंकज भाई के पिता रमन भाई पटेल और इन्द्रवदन मोदी ने 1953 में जायडस कैडिला की शुरुआत की थी। उस वक्त 8 साल के पंकज भाई अपने पिता के साथ हर रोज लैब जाया करते थे और वहां दवाई बनते हुए देखते थे, तबसे ही उन्होंने फार्मासिस्ट बनने का सपना देख लिया था । गुजरात के सेठ सीएन विद्यालय से पढ़े पंकज भाई ने अहमदाबाद से एम फार्मेसी और एमएम फार्मेसी की है। साल 1995 पंकज भाई के पिता की कंपनी 2 हिस्से कैडिला लेबोरेटरी और कैडिला हेल्थकेयर में बंट गई। कैडिला हेल्थकेयर को पंकज भाई ने संभाला और साल 2003 में ' बेस्ट फार्मा मैन ऑफ द ईयर" का नाम मिला। साल 2004 में फोर्ब्स मैगजीन में उनका नाम 24वें नंबर पर था। पंकजभाई गुजरात में हॉस्पिटल की सबसे बड़ी चेन जाइडस हॉस्पिटल के चेयरपर्सन भी हैं।

इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स के एमडी डॉ. के आनंद कुमार के परिवार में शायद ही कोई उस वक्त 10वीं पास था

इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स के एमडी डॉ. के आनंद कुमार

इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. के आनंद कुमार ने भारत और विदेश की कई बड़ी कंपनियों में काम किया है। कोयम्बटूर के पीएसजी कॉलेज से माइक्रोबायोलॉजी में मास्टर्स के बाद 1992 में पुडुचेरी से पीएचडी किया है। कोयम्बटूर के गांव में जन्मे डॉ. कुमार ने 2010 में इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स से एक नई शुरुआत की थी। एक इंटरव्यू में डॉ. आनंद ने कहा था कि उनके परिवार में उनके अलावा शायद ही कोई ऐसा रहा होगा जिसने 10वीं क्लास भी पास की होगी। डॉ कुमार एक एक्टिव स्पोर्ट्स पर्सन भी हैं, काम के बाद अक्सर क्रिकेट और टेबल टेनिस खेलते हैं। ट्रांसजेनिक बायोटेक हैदराबाद से अपने करिअर की शुरुआत करने वाले डॉ. आनंद को कंपनी ने हेपेटाइटिस वैक्सीन के प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर जर्मनी भेजा था।



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World Science Day for Peace and Development Without India, it is impossible to save the world from corona, we are the world factory producing 70% vaccine


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